रेलवे स्टेशनों पर मिट्टी के कुल्हड़ में चाय को बढ़ावा

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों स्टेशनों पर प्लास्टिक कचरा से निपटने में मदद मिली है।

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रेल प्रशासन ने देशभर के चार सौ स्टेशनों का चयन किया है जहां मिट्टी से बने बर्तनों का प्रयोग किया जाना है। इसमें उत्तर रेलवे के 25 स्टेशन शामिल हैं। खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआइसी) के सहयोग से इसे लागू किया जा रहा है।इससे प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने में मदद मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों स्टेशनों पर प्लास्टिक कचरा से निपटने में मदद मिली है। इसे देखते हुए अब ऐसी व्यवस्था चार सौ रेलवे स्टेशनों पर लागू होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश लगेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि मिट्टी के बर्तन बनाने वाले उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर चाय बेचने के लिए ‘कुल्हड़’ के कप का प्रयोग शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।रेल प्रशासन दो अक्टूबर से एक बार प्रयोग में आने वाले प्लास्टिक पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की घोषणा भी कर चुका है।

कुल्हड़ से पेय पदार्थों का सेवन रेल यात्रियों व पर्यावरण दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद है। रेलवे के इस कदम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ प्लास्टिक के उपयोग पर अंकुश लगेगा। साथ ही मिट्टी के बर्तन बनाने वालों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

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