रेलवे बढ़ाएगा कमाई, तीन साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी लेना होगा टिकट

CAG ने रेलवे को नुकसान की सबसे बड़ी वजह प्रिविलेज पास को बताया है, यानी वह पास जिससे रेलवे के कर्मचारी और उनके परिवार वाले मुफ्त में रेल का सफर करते हैं।

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कुछ दिन पहले नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया था। सांसद में पेश की गयी इस रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो 10 सालों में सबसे खराब रहा था। यह 98.44 रुपये पर पहुंच गया था। यानी 1-2 रुपये की कमाई करने के लिए रेलवे को 98.44 रुपये का खर्च करना पड़ा। साथ ही यह भी बताय गया था कि रेलवे की इतनी बदतर स्थिति इसके पहले कभी नहीं थी। 

प्रिविलेज पास से नुकसान 
CAG ने रेलवे को नुकसान की सबसे बड़ी वजह प्रिविलेज पास को बताया है, यानी वह पास जिससे रेलवे के कर्मचारी और उनके परिवार वाले मुफ्त में रेल का सफर करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रेल यात्रियों को रिजर्व टिकट किराए में जो छूट देता है वह कुल यात्री टिकट आय का मात्र 11.45 फीसदी ही हैं। इस छूट का सबसे बड़ा हिस्सा (52.5%) कर्मचारियों के प्रिविलेज पास में ही खर्च हो जाता है। साल 2015 से लेकर साल 2018 तक प्रिविलेज पास के कारण रेलवे को 2759.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

आपको बता दें कि प्रिविलेज पास पर रेल कर्मचारी और उनके परिजन साल भर में छह यात्रा बिलकुल मुफ्त कर सकते हैं। अगर कर्मचारी 6 यात्राओं के बाद फिर से यात्रा करता है तो उसे फिर से किराए में 66.67 फीसदी तक की छूट दी जाती है। यही नहीं एसी क्लास में भी प्रिविलेज पास का इस्तेमाल हर साल 5.7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। 

गौरतलब है कि भारतीय रेलवे 53 तरह की रियायतें देती हैं। औसतन एसी क्लास में प्रति यात्री 667 रुपये और नॉन-एसी क्लास में 157 रुपये की रियायत दी जाती है। 

प्रिविलेज पास का उपयोग रेलकर्मियों के अलावा अन्य लोग भी करते हैं, लेकिन इस सुविधा का लाथ उठानेवाले 62 प्रतिशत लोग रेलवे के कर्मचारी ही होते हैं। इनमें से 31 प्रतिशत रेलकर्मी एसी क्लास में बुकिंग कराते हैं.

CAG की तरफ से रेलवे की कमाई को बढ़ाने से संबंधित कुछ सुझाव भी पेश किये गए हैं। जो इस प्रकार हैं-

  • तीन साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए टिकट अनिवार्य किया जाना चाहिए, अभी यह उम्र 5 साल की है।
  • विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों और मंत्रियों को मिलने वाली रियायत का 75 प्रतिशत खर्च संसदीय कार्य विभागद्वारा उठाना जाना चाहिए
  • प्रिविलेज पास पर टिकट की बुकिंग को पूरी तरह से फ्री करने के बजाय 50 प्रतिशत किराया लागू करना चाहिए।
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