बोल की लब आजाद हैं तेरे

वेटरन एक्टर और फ़िल्मकार अमोल पालेकर को NGMA के एक कार्यक्रम में स्पीच देने से रोक दिया गया, क्योंकि वो केंद्र सरकार की कल्चर मिनिस्ट्री के एक फ़ैसले की आलोचना कर रहे थे।