Bala Review: खुद से प्यार करना सिखाती है आयुष्मान की 'बाला'

अमर कौशिक ने इससे पहले 'स्त्री' फिल्म डायरेक्ट की थी। इस फिल्म में भी उनका डायरेक्शन अच्छा रहा है। खासकर फिल्म की कहानी साधारण होने के बावजूद भी उसे काफी इंट्रेस्टिंग बनाया है।

SHARE

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना इस समय हिट फिल्म देने की मशीन बन चुके हैं। 'अंधाधुन' के बाद से वे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, उनकी हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चौके-छक्के जड़ रही है। इस शुक्रवार वे 'बाला' के साथ बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दे रहे हैं। यह फिल्म गंजेपन के सब्जेक्ट पर बेस्ड है। हालांकि इसी मुद्दे पर पिछले हप्ते सनी सिंह की 'उजड़ा चमन' भी रिलीज हो चुकी है। इन दोनों फिल्मों के मेकर्स ने एक दूसरे पर स्क्रिप्ट चोरी करने के आरोप भी लगाए हैं, जिस वजह से ये दोनों फिल्में काफी सुर्खियों में भी रही हैं। बावजूद इसके दर्शकों ने 'उजड़ा चमन' को प्यार दिया और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अभी भी जिंदा है। पर आयुष्मान धमाका करने में भरोसा करते हैं। 'बाला' में वह सब कुछ है जो दर्शकों को बांधता है, एंटरटेन करता है। 

बाला (आयुष्मान खुराना) कभी घने मुलायम काले बाल का मालिक हुआ करता था, पर जवानी में इन बालों ने उसे तगड़ा धोखा दिया। वह गंजा है, जिसके चलते वह अपने जॉब में कॉंफिडेंट नहीं है, उसकी गर्लफ्रेंड उसे छोड़कर चली जाती है। उसका हाल ऐसा है कि उसे कुत्ते के बाल से भी जेलस होती है। 214 नुस्खे अपनाने के बाद भी उसके बाल वापस नहीं आते। फिर जाकर उसके हाथ लगती है विग और उसका कॉन्फिडेंस वापस आ जाता है। वह अपने ह्यूमर और रोमांटिक अंदाज से सोशल मीडिया फेम परी (यामी गौतम) को इम्प्रेस कर लेता है। यहां तक कि शादी भी हो जाती है, इसके बाद पता चलता है कि बाला गंजा है। इसके बाद फिल्म अलग ट्रैक पर चलती है, जो चीजें आप प्रेडिक्ट नहीं कर पाओगे फिल्म आपको वहां लेकर जाएगी।

आयुष्मान खुराना ने लगातार 4-4 हिट फिल्में दी हैं, दर्शकों की उम्मीदें अब उनसे काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने इस फिल्म में एक गंजे व्यक्ति का किरदार निभाने का पूरा प्रयास किया है, पर कुछ जगहों पर वे सनी सिंह से कमजोर नजर आए।  कई जगह पर जहां वे आपको हंसाने में कामयाब हुए, तो वहीं कहीं कहीं पर वे इमोशन्स को पूरी तरह से उभारने में असफल नजर आए। भूमि पेडनेकर को स्क्रीन स्पेस कम मिला है, उसके हिसाब से उन्होंने किरदार के साथ जस्टिस करने का प्रयास किया, पर उन्हें और अधिक स्क्रीन स्पेस मिलना चाहिए था। यामी गौतम की एक्टिंग इस फिल्म में आपको सरप्राइस करेगी। फिल्म में सपोर्टिंग कास्ट कमाल की है, खासकर आयुष्मान के भाई का किरदार निभाने वाले किरदार को आप कुछ कुछ डायलॉग्स की वजह से थिएटर के बाहर भी याद रखेंगे।

अमर कौशिक ने इससे पहले 'स्त्री' फिल्म डायरेक्ट की थी। इस फिल्म में भी उनका डायरेक्शन अच्छा रहा है। खासकर फिल्म की कहानी साधारण होने के बावजूद भी उसे काफी इंट्रेस्टिंग बनाया है। 

फिल्म में टिक टॉक के लिए गानों का सिलेक्शन बेहतरीन रहा है, ये आपको बहुत ज्यादा एंटरटेन करने वाले हैं। पर जहां तक फिल्म के ओवरऑल म्यूजिक और गानों की बात है तो इसके लिए और अधिक काम करने की जरूरत थी। 

शुरुआत में फिल्म के कुछ कुछ सीन्स आपको 'उजड़ा चमन' की याद दिलाएंगे, पर एक टाइम के बाद फिल्म आपको अपनी दुनियां में लेकर जाएगी, जहां पर आप कंपेयर करना भूल जाएंगे। यह फिल्म आपको एक तगड़ा संदेश देने वाली है। फिल्म आपको खुद से प्यार करना सिखाएगी, समाज की सोच दिखाएगी, अपने अंदर झांकने का मौका देगी और आपके कॉन्फिडेंस को बाहर लेकर आएगी। इस फिल्म को आप एक बार फॅमिली के साथ देख सकते हैं, आपको यह नहीं लगेगा कि आपने पैसे बर्बाद किए हैं।

रेटिंग्स: 3.5/5


संबंधित विषय
ताजा ख़बरें