'बागी 3' के डायरेक्टर अमद खान इसलिए रोमांटिक फिल्मों से करते हैं नफरत

अहमद ने आगे कहा, आप बोल सकते हो कि मैं बहुत फिल्मी हूं। मैं आज भी 80-90 के दशक की फिल्में पसंद करता हूं। मुझे अभी भी अपनी फिल्मों में चाहिए कि बहन को छेड़ा तो देखना।

'बागी 3' के डायरेक्टर अमद खान इसलिए रोमांटिक फिल्मों से करते हैं नफरत
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टाइगर श्रॉफ स्टारर 'बागी 3' को क्रिटिक्स से मिली जुली प्रतिक्रिया मिलने के बाद भी दर्शकों का यह फिल्म काफी पसंद आ रही है। हर दिन कमाई के मामले में यह फिल्म लोगों को झटके पर झटका दे रही हैं। इस फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है, जोकि रोमांटिक लव स्टरी वाली फिल्मों से नफरत करते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान अहमद ने इस बात का खुलासा किया है कि आखिर उन्हें रोमांटिक लव स्टोरी क्यों नहीं है पसंद। 

अहमद खान ने कहा, मैं एक कोरियोग्राफर हूं। ऊपर वाले की दुआ से मैं पैसा भी बहुत कमा लेता हूं। मुझे बहुत सारे शोज मिलते हैं। फिर सवाल उठता है कि मैं फिल्म क्यों बना रहा हूं। तो मेरा मुद्दा फिल्मों से पैसा कमाना नहीं है, मैं ग्रो करना चाहता हूं। शायद मैं जो बोल रहा हूं आप लोगों को पसंद ना आए पर मुझे उस तरह की रोमांटिक फिल्में पसंद नहीं है, जैसे कि आगरा में जाकर एक फिल्म बना ली, मथुरा के कोने में एक लड़का है एक लड़की है। मुझे ऐसी फिल्में समझ में ही नहीं आती हैं।

अहमद ने आगे कहा, आप बोल सकते हो कि मैं बहुत फिल्मी हूं। मैं आज भी 80-90 के दशक की फिल्में पसंद करता हूं।  मुझे अभी भी अपनी फिल्मों में चाहिए कि बहन को छेड़ा तो देखना। मुझे भी लगता है कि आप भी ऐसा भाई नहीं चाहेंगी, जो घर पर बैठकर फोन पर बातें कर रहा है। कैसे कोई ऐसा भाई या बॉयफ्रेंड चाहेगा। वो अच्छी फिल्में हैं, दर्शक पसंद करते हैं, पर मैं अपने प्वाइंट ऑफ व्यू से बोल रहा हूं। कि यार आपका बॉयफ्रेंड है, तो लगे कि हां यार कुछ है, वह बाइक पे पीछे थोड़े ना बैठेगा। मेरी खुद की बड़ी बहने हैं, मैं छोटे में जब उनके साथ जाता तो अकड़ कर चलता था कि मैं इनका भाई हूं। मैं भले ही छोटा था, पर मेरे दिमाग में रहता था कि मैं इनका भाई हूं और मेरी बहन को कुछ किया तो देखना। हम हिंदुस्तानियों का यह हमेशा रहा है, और आज भी हम यही चाहते हैं। 

अहमद ने कहा, मैं अगर रोमांटिक फिल्म बनाता भी हूं तो उसमें भी घमाशान वाला एक्शन रहेगा। 'गदर' भी तो एक रोमांटिक लव स्टोरी थी, क्या फिल्म थी। घुस गया पाकिस्तान में कुछ नहीं चाहिए। मेरी बीवी और बच्चा मुझे देदो बस। पाकिस्तान जिंदाबाद, चल पाकिस्तान जिंदाबाद। हिंदुस्तान मुर्दाबाद, तेरी मां का... हिंदुस्तान मुर्दाबाद क्यों। इसके बाद बीवी बच्चा एक तरफ, अब तूने छेड़ा है, चल बेटा अब देखता हूं। पाकिस्तान जिंदाबाद, इस्लाम जिंदाबाद, तो फिर हिंन्दोस्तान मुर्दाबाद क्यों? उस टाइम पर पत्नी, बच्चा एक तरफ रुक बेटा अब मेरे देश पर आई है तो मुझे पहले इनको बजाना है। मुझे इसी तरह का सिनेमा पसंद है। 


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