फिल्म रिव्यू: जबरदस्त कॉमेडी-ड्रामा और इमोशन के बीच खास संदेश देती है ‘बधाई हो’


SHARE

‘विकी डॉनर’, ‘दम लगा के हईशा’ और ‘शुभ मंगल सावधान’ जैसी समाजिक मुद्दे से जुड़ी और हटकर फिल्मों को करने के बाद अब आयुष्मान खुराना ‘बधाई हो’ लेकर आए हैं। जिस तरह से फिल्म का नाम साधारण है, उसी तरह से फिल्म की कहानी भी साधारण ही है। इस तरह की कहानियां हमारे इर्द गिर्द ही बनती रहती हैं। बावजूद इसके इस मुद्दे पर अभी तक किसी फिल्म निर्माता ने फिल्म नहीं बनाई थी। पर अब अमित शर्मा ने बड़े ही उम्दा अंदाज में फिल्म को दर्शकों के लिए पेश कर दिया है।


कहानी 

‘बधाई हो’ की कहानी नकुल श्रीवास्तव (आयुष्मान खुराना) से शुरु से होती है, जो कि एक कॉर्पोकेट कंपनी में नौकरी करता है। उसके पिता (गजराज राव) रेलवे में टीटी, मां (नीना गुप्ता) हाउस वाइफ, गर्लफ्रेंड रेने (सान्या मल्होत्रा), एक छोटा भाई और दादी (सुरेखा सिकरी) हैं। सबकुछ ठीक ही चल रहा होता है, पर एक दिन पता चलता है कि नकुल की मां प्रेग्नेंट है। इसके बाद से सब नकुल की मां और पिता को अलग नजरों से देखने लग जाते हैं। परिवार में सब एक दूसरे से नजरें चुराते हैं। इस बीच फिल्म में जहां बहुत सारा फन होता है वहीं आंसू भी झलक उठते हैं।


एक्टिंग 

एक्टिंग के मामले में कोई किसी कम नहीं हैं। अपने अपने किरदार से सभी ने इंसाफी की है। फिल्म में जितना मजबूत किरदार आयुष्मान खुराना का है, उतना ही मजबूत किरदार गजराज राव, नीना गुप्ता और सुरेखा सीकरी का भी है।

 

डायरेक्शन

‘बाधाई हो’ फिल्म जिस मुद्दे पर बनी है, उसमें अश्लील होने का खतरा था, पर यहां डायरेक्टर अमित शर्मा की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने फिल्म को अश्लीलता से बचाते हुए मनोनंजन भरे अंदाज में समाज को एक जबर्दस्त मेसेज दिया है।


म्यूजिक   

फिल्म का म्यूजिक भी शानदार है। पर हां गाने इस तरह से भी नहीं बनाए गए हैं, जो लोगों कि जबान पर बैठ सकें। फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘बधाइयां’ छोड़ दिया जाए तो और कोई गाना थिएटर के बाहर याद नहीं रह पाएगा।

कास्ट - आयुष्मान खुराना, सान्या मल्होत्रा, गजराज राव, नीना गुप्ता, सुरेखा सिकरी


खूबियां - फिल्म का फर्स्ट हाफ जहां कॉमेडी और ड्रामा से भरा है, वहीं सेकंड हाफ गंभीरता और इमोशन से भरपूर है। फिल्म की कहानी साधारण है, जिसे हरकोई खुद से रिलेट कर पाएगा। फिल्म में अश्लीलता नहीं, इसे आप फैमिली के साथ देख सकते हैँ।


कमियां - फिल्म का म्यूजिक और बेहतरीन हो सकता था। फिल्म में कॉमेडी, ड्रामा और इमोशन सब कुछ डाला गया है, जिसकी वजह से बीच बीच में फिल्म का थोड़ा बैलेंस बिगड़ता नजर आता है।

यह फिल्म आपको अपनी फैमिली के साथ बैठकर एक बार जरूर देखनी चाहिए। भरपूर मनोरंजन के साथ साथ आप अपने घर पर एक मेसेज भी लेकर आएंगे। 

रेटिंग -   4/5

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें