Advertisement
COVID-19 CASES IN MAHARASHTRA
Total:
59,97,587
Recovered:
57,53,290
Deaths:
1,19,303
LATEST COVID-19 INFORMATION  →

Active Cases
Cases in last 1 day
Mumbai
14,577
863
Maharashtra
1,21,859
10,066

Super 30 Review: ऋतिक की दमदार अदाकारी के साथ प्रेरित करती है आनंद कुमार की कहानी

रितिक ने अपने अभिनय से आनंद कुमार के किरदार में मानों जान भर दी हो। उनका अभिनय और स्क्रीन परफॉर्मेन्स काबिले तारीफ है।

Super 30 Review: ऋतिक की दमदार अदाकारी के साथ  प्रेरित करती है आनंद कुमार की कहानी
SHARES

दृढ़ संकल्प और कठोर परिश्रम से ज़िन्दगी में कुछ भी हासिल किया जा सकता है। इसी वाक्य को सही साबित करती है 'सुपर 30' की कहानी। फ़िल्म में अभिनेता ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार का किरदार निभाया है। यह फ़िल्म बिहार के पटना में पैदा हुए आनंद कुमार की जीवनी पर आधारित है। पटना के एक गरीब घर मे जन्में आनंद कुमार के पास मैथमेटिक्स का मैजिक तो है, लेकिन गरीबी के आगे सारे जादू फीके पड़ जाते हैं। ऋतिक  ने अपने अभिनय से आनंद कुमार के किरदार में मानों जान भर दी हो। उनका अभिनय और स्क्रीन परफॉर्मेन्स काबिले तारीफ है। किरदार के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है जो कि स्क्रीन पर साफ नजर आती है।

कहानी 

कहानी की शुरुआत में आनंद कुमार (ऋतिक रोशन) एक डिबेट कॉम्पटीशन जीतते हैं और उन्हें बिहार के शिक्षा मंत्री श्री राम सिंह (पंकज त्रिपाठी) पुरस्कृत करते हैं। आनंद को गणित का कीड़ा है और यह बात उनके पिता अच्छी तरह से जानते हैं। पर करना क्या है अभी तक दोनों को नहीं समझा है। पर एक किताब की भूख उन्हें लंदन कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी तक का रास्ता दिखा देती है। पर वहां पहुंचने के लिए पिता की एफडी फीकी पड़ जाती है और बड़बोले शिक्षा मंत्री का भी साथ नहीं मिलता। आनंद पापड़ बेचने के लिए मजबूर हो जाता है। इसी बीच आईआईटी कोचिंग क्लासेस के नाम पर शिक्षा का धंधा करने वाला लल्लन आनंद को अपने यहां काम करने का मौका देता है। पर थोड़े ही समय में आनंद की जिंदगी फिर मोड़ लेती है। आनंद इसके बाद फ्री में आईआईटी की कोचिंग क्लासेस गरीब बच्चों के लिए शुरू करता है। इसके बाद की कहानी काफी इमोशनल और मोटिवेट करने वाली है।

डायरेक्शन

इस फिल्म को 'क्वीन' फिल्म के डायरेक्टर  विकास बहल ने डायरेक्ट किया है। वे लंबे  वक्त के बाद नजर आए पर उन्होंने अपने अंदर के बेहतरीन डायरेक्टर को उभारा है। 

एक्टिंग

ऋतिक के माता पिता का किरदार निभाने वाले एक्टर कम समय में ही अपनी छाप छोड़ते नजर आए हैं। खासकर पिता ने अपने किरदार में जान डाल दी है। मृणाल ठाकुर के पास ज्यादा कुछ करने के लिए नहीं था। पंकज त्रिपाठी जब जब स्क्रीन पर आए हंसी रोकना मुश्किल हुआ। ऋतिक रोशन ने पूरी तरह से अपने किरदार के साथ न्याय किया है। उन्होंने अपनी बॉडी लैंग्वेज से लेकर भाषा में भी जान फूंक दी है। इमोशनल सीन्स में उनकी आंखें भी बोलती नजर आई हैं। कुछ सीन्स में रोंगटे भी खड़े हो जाएंगे।

म्यूजिक

सिचुएशन के हिसाब से बैकग्राउंड म्यूसिक अच्छा है। 'जगराफिया' गाना आपको पसंद आएगा। फिल्म के गाने और भी बेहतरीन हो सकते थे।

रेटिंग्स ⭐⭐⭐⭐

संबंधित विषय
Advertisement
मुंबई लाइव की लेटेस्ट न्यूज़ को जानने के लिए अभी सब्सक्राइब करें