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Angrezi Medium Review: मुद्दा है मिसिंग पर इरफान खान-दीपक डोबरियाल करते हैं एंटरटेन!

'अंग्रेजी मीडियम' (Angrezi Medium) अब दर्शकों के लिए तैयार है। फिल्म कुछ हद तक एंटेरटेनिंग तो है, पर आप इसे 'हिंदी मीडियम' का सीक्वल समझकर देखने मत जाना नहीं तो सिर्फ निराशा हाथ लगेगी।

Angrezi Medium Review: मुद्दा है मिसिंग पर इरफान खान-दीपक डोबरियाल करते हैं एंटरटेन!
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2017 में रिलीज हुई इरफान खान (Irrfan Khan) की फिल्म 'हिंदी मीडियम' (Hindi Medium) ने जहां दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई थी, वहीं बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने धमाल मचाया था। अब बॉलीवुड में एक चलन चल पड़ा है, कोई फिल्म सफल हो तो लगे हाथ उसका सीक्वल बना दो, यही 'हिंदी मीडियम' के साथ भी हुआ है, 'अंग्रेजी मीडियम' (Angrezi Medium) अब दर्शकों के लिए तैयार है। फिल्म कुछ हद तक एंटेरटेनिंग तो है, पर आप इसे 'हिंदी मीडियम' का सीक्वल समझकर देखने मत जाना नहीं तो सिर्फ निराशा हाथ लगेगी। 'हिंदी मीडियम' जिस शिक्षा के मुद्दे को लेकर बनीं थी, 'अंग्रेजी मीडियम' में वह मुद्दा आपको राजस्थान से लेकर लंदन तक नजर नहीं आएगा।

चंपक (इरफान खान) राजस्थान के जाने माने मिठाई के व्यापारी घसीटेराम का पोता है, जो बचपन से ही काफी कन्फ्यूज्ड टाइप का प्राणी है। पर वह अपनी शादी और बेटी की परवरिश में कभी कन्फ्यूज़ नहीं हुआ। पत्नी की मौत हो जाती है, चंपक ही अपनी बेटी तारिका बंसल (राधिका मदन) को बड़ा करता है। वह अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है और उसके बिना उसका रहना मुश्किल है। पर उसके जीवन मे परीक्षा की घड़ी तब आती है, जब तारिका लंदन में जाकर पढ़ाई करने की जिद करती है। कन्फ्यूज्ड चंपक जब तारिका को अपने सपने जीने का मौका देता है, तब तक काफी रायता फैल जाता है। एक वक्त पर तारिका का लंदन जाना असंभव सा हो जाता है। पर चंपक तरीका के सपने के लिए जी जान लगा देता है और इसमें साथ देता है चंपक का सौतेला भाई गोपी (दीपक डोबरियाल)। पर देखते ही देखते दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं। अब तारिका के सपने कैसे पूरे होंगे? लंदन में इनकी मदद कौन करेगा? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

इरफान खान, दीपक डोबरियाल और राधिका की ट्यूनिंग काफी अच्छी बैठी है। इरफान खान को देखकर कहीं कहीं जरूर लगता है कि ये बीमार थे, पर उनका एक्टिंग के लिए डेडिकेशन देखकर मोटिवेशन मिलता है। करीना कपूर, रणवीर शौरी, डिम्पल कपाड़िया और पंकज त्रिपाठी को स्क्रीन स्पेस कम मिला है, पर उन्होंने अपनी एक्टिंग से इम्प्रेस किया है। 

किसी फिल्म के सीक्वल बनाने में निश्चित ही डायरेक्टर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है, जिसे डायरेक्टर को बखूबी समझना और उसे निभाना चाहिए। 'अंग्रेजी मीडियम' में इस चीज की कमी नजर आई है। होमी अदजानिया ने फिल्म की शुरुआत तो शिक्षा के मुद्दे से की, पर वह आखिर तक कहीं नजर नहीं आया और फिल्म का एंड पेटेंट्स और बच्चों के रिश्ते पर कर दिया। साथ ही फिल्म के म्यूजिक पर और काम करने की जरूरत थी। एक गाने के अलावा बाकी और गाने इम्प्रेस करने में नाकामयाब रहे हैं।

 अगर इस वीकेंड पर आप एक हल्की फुल्की कॉमेडी फिल्म देखने का प्लान कर रहे हैं तो 'अंग्रेजी मीडियम' एक ठीक ठाक विकल्प होगा। इरफान और दीपक की जुगलबंदी आपको खासी पसंद आएगी। इस फिल्म को हम 5 में से 3 स्टार देते हैं।


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