यूपी में बनी Period: End of Sentence फिल्म ने जीता ऑस्कर

फिल्म Period. End Of Sentence का मुकाबला 'ब्लैक शीप', 'एंड गेम', 'लाइफबोट' और 'अ नाइट ऐट दी गार्डन' जैसी शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री से था लेकिन मुकाबला जीता Period: End Of Sentence ने।

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भारतीयों के लिए विश्व पटल पर उस समय गर्व का समय बन गया जब भारतीय पृष्ठभमि पर आधारित फिल्म 'Period: End Of Sentence' को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट कैटिगरी फिल्म के ऑस्कर अवॉर्ड 2019 से नवाजा गया। इस फिल्म को प्रोड्यूस किया भारतीय फिल्म प्रड्यूसर गुनीत मोंगा ने और निर्देशित किया है ईरानी-अमेरिकन फिल्म डायरेक्टर रयाक्ता जहताबची और मैलिसा बर्टन ने। 

फिल्म Period: End Of Sentence का मुकाबला 'ब्लैक शीप', 'एंड गेम', 'लाइफबोट' और 'अ नाइट ऐट दी गार्डन' जैसी शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री से था लेकिन मुकाबला जीता Period: End Of Sentence ने।

यह कहानी दिल्ली से 60 कि.मी दूर यूपी के एक छोटे से शहर हापुड़ के कुछ महिलाओं की। जो गरीबी के कारण सैनिटरी पैड्स नहीं खरीद सकती, इसी कारण कई महिलाएं बीमार होकर मौत की आगोश में समा जातीं हैं। 26 मिनट की इस फिल्म में सैनिटरी पैड्स को लेकर जागरूकता फैलाने का भी सन्देश दिया गया है।

अवार्ड जितने के बाद गुनीत मोंगा ने भी ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, 'हम जीत गए। इस धरती पर मौजूद हर लड़की यह जान ले कि वह देवी है... हमने @Sikhya को पहचान दिलाई है।' यही नहीं रयाक्ता ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि पीरियड्स पर बनी फिल्म ने ऑस्कर जीता है।'

आपको बता दें कि गुनीत मोंगा 'लंच बॉक्स', 'मसान' जैसी फिल्म को भी प्रड्यूस कर चुकी हैं।  

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