बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू


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मात्र दो फीसदी वेतन वृद्धि के विरोध में सरकारी बैंक के कर्मचारियों ने दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इनकी हड़ताल 30 और 31 मई दो दिन रहेगी। बताया जा रहा है कि इस हड़ताल में करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी शामिल हैं। महीने के आखिर में हड़ताल शुरू होने के कारण नौकरीपेशा वर्ग को वेतन मिलने में देरी हो सकती है। हालांकि प्राइवेट बैंकों जैसे आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक में सुचारु रूप से काम चल रहा है। सिर्फ चेक क्लियरेंस जैसी कुछ सेवाएं बाधित हुई हैं। बैंक बंद होने के कारण बैंकों में पैसो के जमा, निकासी जैसे काम नहीं हो पाएंगे इसीलिए बैंकों की तरफ से एटीएम में पर्याप्त मात्रा में पैसे भरे जा रहे हैं।


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10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर 
हड़ताल के बारे में अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संगठन के उपाध्यक्ष विश्वास उटगी ने 'मुंबई लाइव' से बात करते हुए बताया कि बुधवार सुबह छह बजे से देश भर में छह विदेशी बैंक, 22 राष्ट्रियकृत बैंक और 18  प्राइवेट बैंकों ने हड़ताल शुरू की। इन बैंकों के लगभग 10 लाख बैंक कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हैं।
 
रद्द हो नीति 
वेतन वृद्धि के बारे में उटगी ने कहा कि कर्मचारियों में इसीलिए नाराजगी है क्योंकि केंद्र सरकार एक तरफ सिर्फ नाम मात्र के लिए वेतन में वृद्धि करती है जबकि बैंक के उच्च अधिकारियों के वेतन को लेकर कोई चर्चा ही नहीं होती। आरोप लगाते हुए उटगी ने कहा कि सरकारी नीतियों के कारण ही देह के 22 राष्ट्रीयकृत बैंको में से 18 बैंक के कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। उटगी ने कहा कि ऐसे ही नीतियों के कारण बैंकों का 9 लाख करोड़ रुपया NPA (नॉन प्रॉफिट अकाउंट) घोषित हुआ है इसीलिए ऐसी नीति को तत्काल बंद करना चाहिए। 


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वेतन को लेकर जारी है हड़ताल 
आपको बता दें कि बैंकों के समूह यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीओ) के बार बार वेतन वृद्धि मांग को लेकर आईबीए (इंडयन बैंक एसोसिएशन) ने महज दो प्रतिशत वेतन वृद्धि की पेशकश की थी जिसे यूएफबीओ ने ठुकरा दिया और हड़ताल की घोषणा की।

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