घाटे में 'पारले-जी' कंपनी, 10 हजार कर्मियों की होगी छंटनी

बिस्किट बनाने वाली मशहूर कंपनी पारले जी (parle agro) से भी 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। कंपनी ने मांग की है कि उसे जीएसटी से घाटे का सामना करना पड़ रहा है।

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भारत की इकॉनमी इस समय मंदी से जूझ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार जहां एक तरफ टेक्सटाइल कंपनियों (textile Industries) से लगभग 50 लाख नौकरी खत्म हो गयी तो वहीं दूसरी तरफ अब बिस्किट बनाने वाली मशहूर कंपनी पारले जी (parle agro) से भी 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। कंपनी का कहना है कि उसे जीएसटी से घाटे का सामना करना पड़ रहा है।

'हो रहा है घाटा'
इकॉनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार इस बारे में पारले के हेड मयंक शाह ने कहा कि, बिस्किट की मांग घटने के कारण कंपनी को बड़ा नुकसान हो रहा है। हम लोगों को मात्र 5 रूपये में बिस्किट बेच रहे हैं इसके बाद भी मांग नहीं बढ़ रही है। हमारी मांग है कि  100 रूपये प्रति किलो या फिर उससे कम कीमत वाले बिस्किटों पर जीएसटी(GST) के रेट को कम किया जाए, क्योंकि पारले की न्यूनतम कीमत मात्र 5 रूपये ही है लेकिन जीएसटी के कारण इसकी लागत मर वृद्धि हो रही है। अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो हमें मजबूरन 8 से 10 हजार कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ेगी।

शाह के अनुसार कम कीमत वाले बिस्किट पर हम कम मुनाफा ले सकते हैं, इसीलिए गरीब और मध्यम आय वर्ग वाले वर्ग को ध्यान में रखते हुए हमने कम दाम वाले प्रोडक्ट तैयार किये हैं लेकिन जीएसटी के कारण हमें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को पहले की तरह ही जीएसटी रेट तय करना चाहिए।

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