31 जनवरी और 1 फरवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल

यही नहीं लगातार तीन दिन 11, 12 और 13 मार्च को भी बैंक ने हड़ताल करने का निर्णय किया है।

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भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ वेतन संबंधित बातचीत विफल होने के बाद  बैंक यूनियनों ने 31 जनवरी और एक फरवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। अप्रैल में से अनिश्चतकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया गया है। बता दें बैंक यूनियन ने वेतन समझौता विफल होने के कारण हड़ताल का ऐलान किया है। यही नहीं लगातार तीन दिन 11, 12 और 13 मार्च को भी बैंक ने हड़ताल करने का निर्णय किया है। इसके अलावा मार्च में होली और अन्य छुट्टी को मिलाकर करीब आठ दिन बैंक बंद होने के आसार हैं।

यूनियन की ओर से जारी सूचना के अनुसार अगर मांगे पूरी नहीं होती हैं तो बैंक 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होगी। 8 जनवरी बुधवार को को भी बैंक हड़ताल पर थे। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में 8 जनवरी को 'भारत बंद' का ऐलान किया था। 31 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जबकि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना दूसरा बजट पेश करेंगी. इसी दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।

8 जनवरी को भारत बंद के साथ ही करीब 6 बैंक यूनियनों ने हड़ताल की थी, उस दिन ज्यादातर बैंक बंद थे और जो खुले थे वहां भी कामकाज पर असर पड़ा था। बैंक कर्मचारियों की यह महीने की दूसरी हड़ताल होगी। 1 फरवरी को महीने का पहला शनिवार है, इसलिए सभी कारोबारी बैंक बजट के दिन खुले रहते हैं, वहीं इसी दिन बजट पेश होने से स्टॉक एक्सचेंजों ने भी बाजार खोलने का फैसला किया है।

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