नोटबंदी: पिक्चर अभी बाकी है...


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अगर आपको लगता है कि नोटबंदी एक बुरे सपने की तरह था उसे भूल जाना ही अच्छा है तो आप गलतफहमी के शिकार हैं। दरअसल, नोटबंदी का असली खेल तो नोटबंदी के बाद से शुरू हुआ। नोटबंदी में जिन खातों में तय सीमा से अधिक की रकम जमा की गयी थी और उसका हिसाब नहीं मिला था, उन खातों की जांच अब IT कर रही है और उन्हें नोटिस भी भेजा जा रहा है। 

तय राशि से अधिक जमा करने वाले खाताधारक मुश्किल में 

पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देश भर में 500 और 1000 के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। साथ ही बैंक में 2.50 लाख रूपये अधिकतम राशि जमा करने की भी घोषणा की थी। इसी दौरान अनेक लोगों ने बैंकों में 2.50 लाख रूपये से अधिक की रकम अपने खातों में जमा की थी। राशि जमा करने के दौरान जिन खाता धारकों ने इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल जमा नहीं किया था अब वे मुश्किल में पड़ सकते हैं। उन पर IT की गाज गिर सकती है।

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18 लाख संदेहजनक खाताधारक

'ऑपरेशन क्लीन मनी' अभियान के अंतर्गत इसी साल से संदेहजनक खाता धारकों की जांच शुरू हो गयी थी। इसमें पहले चरण में ऑनलाइन वेरिफिकेशन, डाटा एनालिटिक्स के आधार पर 18 लाख संदेहजनक खाताधारक सामने आए. इन खाता धारकों ने अभी तक आईटी फ़ाइल नहीं जमा की है।

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31 दिसंबर तक नोटिस

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि इन संदेहजनक खाताधारकों को 31 दिसंबर तक नोटिस भेजा जायेगा और इनके उत्तर के आधार पर इनकी जांच की जाएगी। IT विभाग ने बताया कि जिन खाता धारकों ने अपने उत्तर भेज दिए हैं उनकी जांच शुरू है।




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