लंदन कोर्ट ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी

कोर्ट के इस फ़ैसले का सीबीआई ने स्वागत किया है। हालांकि माल्या 14 दिन के भीतर इस फैसले को ब्रिटिश उच्च न्यायालय में चुनौती भी दे सकता है। पिछले साल अप्रैल में प्रत्यर्पण वॉरंट पर गिरफ्तारी के बाद से माल्या जमानत पर है।

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भारतीय कूटनीतिज्ञों को उस समय सफलता मिली जब लंदन की कोर्ट ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी, हालांकि कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ माल्या ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकता है। माल्या के पहले अगस्ता वेस्टलैंड केस का आरोपी और बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को भी दुबई से प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा चुका है।

14 दिन के भीतर फैसले को दे सकता है चुनौती
सोमवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में जज एम्मा अर्बथनॉट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि माल्या पर प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी करने, साजिश रचने के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप सिद्ध होता है। इसके बाद माल्या के प्रत्यर्पण का मामला सेक्रटरी ऑफ स्टेट के पास भेज दिया गया है। कोर्ट के इस फ़ैसले का सीबीआई ने स्वागत किया है। हालांकि माल्या 14 दिन के भीतर इस फैसले को ब्रिटिश उच्च न्यायालय में चुनौती भी दे सकता है। पिछले साल अप्रैल में प्रत्यर्पण वॉरंट पर गिरफ्तारी के बाद से माल्या जमानत पर है। 

पैसे किंग फिशर ने लिए थे
आपको बता दें कि 62 वर्षीय माल्या पर भारतीय बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। माल्या ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया है। माल्या ने ट्वीट कर कहा कि पैसे मैंने नहीं किंग फिशर एयर लाइन्स ने लिए थे, जो कि घाटे में चले गए। इसके पहले माल्या मूल राशि का 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश कर चुका है।

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