स्वाईन फ्लू के बाद मुंबई में बढ़ा गॅस्ट्रो का खतरा , एक महीने में 916 मरिज


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स्वाईन फ्लू के बाद अब शहर में गैस्ट्रो का खतरा बढ़ता दिख रहा है। अप्रैल महीने में अस्पतालों में इस बीमारी से 916 मरीज भर्ती हुए। जनवरी से अप्रैल महीने तक 2280 मरीज इस बीमारी का शिकार हुए। रास्ते के फुड स्टॉल पर खाना और गंदे पानी के इसेतमाल के कारण लोगों को इस तरह की बीमारी होती है।

मुंबई के कुर्ला, चेंबूर, घाटकोपर,मालाड, बांद्रा , देवनार, दहिसर, खार पश्चिम इलाके में सबसे ज्यादा मरीज पाए गए है। कुर्ला के एल विभाग में 207, चेबूर में 97,घाटकोपर में 92 गोरगांव में 79, बांद्रा में 70, बोरिवली में 48 मरिज इस बीमारी से ग्रसित पाए गए है।
बीएमसी की स्वास्थ अधिकारी डॉ. पद्मजा केसकर का कहना है की पिछलें साल गैस्ट्रो से पिडि़य मरिजो की संख्या 3500 थी। गंदे खाने और पानी की वजह से ये बीमारी होती है जिस दूर करने के लिए बीएमसी ने एक खास अभियान चलाया है।


कैसे होता है गैस्ट्रो-
गंदी जगहो पर खाना खाने से
गंदा पानी पीने से
सही समय पर ना खाने से
खाने का समय फिक्स ना होना
खाने में नियमियता ना बरतना

क्या है लक्षण-
पेट में दर्द या मरोड़।
पेट का फूलना।
गैस बनना।
डायरिया या कब्ज।
स्टूल में म्यूकस।
मल त्याग करने की आदतों में बदलाव आना।

डॉक्टर से करें संपर्क
अगर लगातार मल त्यागने की आदत में परिवर्तन आए।
मलाशय से रक्त स्राव हो ’वजन कम हो जाए।
पेट में दर्द, जो रात में हो या बढ़ जाए।

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