बिजली के बिल में बढ़े पैसा ब्याज के साथ ग्राहकों को मिलेंगे वापस

आने वाले 2 महीनों में समिति अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। अगर इस रिपोर्ट में पाया जाता है कि ग्राहकों से बिजली के बिल अधिक वसूले गए हैं तो ब्याज के साथ अडाणी को ग्रोहकों को पैसे वापस करने होगे, यह जानकारी कुलकर्णी ने दी है।

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अडाणी इलेक्ट्रिसिटी के पास उपनगरों में बिजली अपूर्ती की जबाबदारी जाने के बाद लाखों ग्राहकों को बिजली के बिल में बड़ा झटका लगा है। पर अब ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र राज्य बिजली नियामक आयोग ने इस मामले की छानबीन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए दो सदस्यीय समिती की स्थापना भी की गई है। समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ग्राहकों को जो अतिरिक्त बिल की रकम भरनी पड़ी है वह वापस मिलेगी वह भी ब्याज के साथ।

जिजली नियामक आयोग की तरफ से शुक्रवार को एक पत्रकार परिषद आयोजित की गई थी। इसी दैरान यह जानकारी आयोग की अध्यक्ष आनंद कुलकर्णी ने दी है।

कारण बताओ नोटिस

उपनगरों के लाखो ग्राहकों को नवंबर में बिजली के बिल बढ़कर आए हैं, ग्राहकों को 50 रुपए से लेकर हजार रुपए तक बढ़ाकर बिल मिले हैं। इस बढ़े हुए बिल की वजह से अडाणी को चारो तरफ से टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। इस विषय को मनसे, कांग्रेस, शिवसेना सब ने उठाया। वहीं ग्राहकों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद बिजली नियामक आयोग ने आडाणी को कारण बताओं नोटिस भेजा है। इस नोटिस के अनुसार 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश आयोग ने दिया है।

आडाणी का स्पष्टीकरण

इस नोटिस के अनुसार अडाणी ने स्पष्टीकरण दिया है। स्पष्टीकरण के अनुसार अक्टूबर में 15 फीसदी अधिक बिजली का उपयोग हुआ है। वहीं 27 अक्टूबर से 1 सितंबर 2018 के दौरान रिलायंस के कर्मचारी बंद पर गए हुए थे। इस बंद के दौरान 3.56 लाख ग्राहकों के मीटर रीडिंग नहीं ली गई है। अंदाज के हिसाब से बिजली के बिल तैयार किए गए। इस बढ़े हुए बिजली के बिल की रकम नवंबर महीने के बिल में काटी जाएगी।


कड़ी जांच

अडाणी के स्पष्टीकरण के बाद इस मामले की कड़ी जांच होगी, इस तरह बोलते हुए आयोग ने दो सदस्सीय समिति का गठन किया है। अजितकुमार जैन और विजय सोनावणे इस समिति में शामिल हैं। यह समिति 10 दिसंबर से 10 जनवरी सभी बिजली के बिलों की जांच करेगी।


2 महीने में रिपोर्ट

आने वाले 2 महीनों में समिति अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। अगर इस रिपोर्ट में पाया जाता है कि ग्राहकों से बिजली के बिल अधिक वसूले गए हैं तो ब्याज के साथ अडाणी को ग्रोहकों को पैसे वापस करने होगे, यह जानकारी कुलकर्णी ने दी है।


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