6 दिसंबर को चैत्यभूमि पर नो नोइज


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६ दिसंबर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर दादर के चैत्यभूमि पर लाखों की संख्या में बाबासाहेब के अनुयायी जमा होते है। पिछलें कुछ सालों से चैत्यभूमि और शिवाजी पार्क के आसपास के इलाको में स्पीकर और साउंड सिस्टम की आवाज बढ़ने लगी है। जिसे देखते हुए कुछ संगठनों ने ६ दिसंबर के दिन इस इलाके में स्पीकर की आवाज को कम रखने के लिए बीएमसी को एक आवेदन मुंबई पुलिस और बीएमसी को दिया है।


ड्रोन कैमरे से सुरक्षा


आंबेडकर अनुयायी निलेश दुपटे ने मुंबई लाइव से बात करते हुए बताया की बीएमसी और मुंबई पुलिस ने उनकी मांग को मान लिया है और शायद ६ दिसंबर को शिवाजी चैत्यभूमि और शिवाजी पार्क के आसपास के इलाको में या तो साइलेंट जोन हो याफिर स्पीकर की आवाज कम करने के लिए कोई और व्यवस्था की जाए।


अमित शाह शिवाजी पार्क में

दरअसल महापरिनिर्वाण के दिन महाराष्ट्र के कोने कोने के साथ देश के कई हिस्सो से लोग बाबासाहेब को श्रद्धांजली देने के लिए चैत्यभूमि पर जमा होते है। जिसे देखते हुए पुलिस को भी इस दिन ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए कई इंतजाम करने पड़ते है।

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