बड़ी सोसायटियों को परिसर में बायोगैस प्लांट लगाना होगा अनिवार्य

मुंबईत रोज ७,५०० मेट्रीक टन कचरा जमा होता. एवढ्या कचऱ्याची विल्हेवाट लावणे पालिकेसाठी डोकेदुखी बनली आहे.

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मुंबई में स्थित बड़ी को-ऑपरेटिव सोसायटियों को अब अपने परिसर में डोमेस्टिक बायोगैस प्लांट  लगाना अनिवार्य होगा। बीएमसी के मुताबिक जो रिहायशी सोसायटी एक हेक्टेयर से अधिक भूखंड में बने हुए हैं उन्हें अपने परिसर में बायोगैस प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। इस प्रस्ताव को 29 जुलाई को राज्य सरकार को भेज दिया गया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

'इन सबको' लगाना होगा अनिवार्य
मुंबई में हर दिन 7500 मीट्रिक टन कचरा जमा होता है। ऐसे कचरे का निपटारा करना बीएमसी के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है।इसीलिए बीएमसी ने ऐसे हाउसिंग सोसाइटीयों, हॉटलों और बड़े मॉल्स को जो 20 हजार स्क्वायर मीटर में बने हैं और साथ ही वहां से हर दिन 100 किलो से अधिक कचरा निकलता है तो इन्हें कचरा का निपटारा खुद ही करना होगा। ऐसे सोसाइटीयों, हॉटलों और बड़े मॉल्स को अपने परिसर में बायोगैस प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही अब निर्माण कार्यों के दौरान ही सोसायटी के परिसर में बायोगैस प्लांट लगाना अनिवार्य होगा।

सरकार की मंजूरी का इंतजार 
इसके पहले साल 2015 में ही कांग्रेस की कॉर्पोरेटर अजंता यादव ने मांग की थी कि मुंबई में इमारतों के परिसर में बायोगैस परियोजनाएं स्थापित की जाएं। अब इस संदर्भ में बीएमसी द्वारा एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। अब जल्द ही इस प्रस्ताव को 29 जुलाई को राज्य सरकार के पास भेज दिया गया था। सरकार से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

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