पानी की कटौती बीएमसी में घमासान, नगरसेवक अनशन पर उतारू


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इस बार तय अनुमान के मुताबिक बारिश नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति करने वाले तालाबों में भी 20 से 25 फीसदी कम पानी जमा हुआ है। इसे देखते हुए बीएमसी ने 15 नवंबर से 10 फीसदी पानी की कटौती शुरू कर दी ताकि साल भर लोगों को पाने की आपूर्ति हो सके। लेकिन धीरे-धीरे यह कटौती बढ़ कर 25 से 30 फीसदी तक हो गयी है जिससे आम लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर बुधवार को सभी विपक्षी दलों के नगरसेवकों ने स्थायी समिति में काफी हो-हल्ला किया। यही नहीं स्थायी समिति के सदस्य अभितीज सावंत ने तो जल्द से हल नहीं निकलने पर अनिश्चितकालीन अनशन की चेतावनी भी दी। 

तो फिर से करेंगे आंदोलन 
बीजेपी के नेता और नगरसेवक सावंत सहित अन्य नगरसेवक भी स्थायी समिति में इस मुद्दे को लेकर जमा हुए। मुंबई लाइव से बात करते हुए कहा कि, हमने बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता से भी मुलाकात की, बीएमसी प्रशासन ने इस समस्या को हल करने का आश्वासन दिया है इसके बाद हमने अपना आन्दोलन वापस लिया।उन्होंने आगे कहा कि अगर हफ्ते भर के अंदर पानी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी पक्षों के नगरसेवक फिर से आंदोलन करेंगे।

अनुमान से कम बारिश 
मुंबई को हर साल 14.47 लाख लीटर पानी आपूर्ति किया जाता है, लेकिन इस बार मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाले तालाबों में अनुमान से कम पानी जमा हुआ है। पिछले साल नवंबर महीने तक बारिश से तालाब 92 फीसदी तक भर गये थे लेकिन इस बार मात्र 76 फिसदी ही पानी जमा हुआ है।

50 फीसदी तक पानी की कटौती
इस विषय पर सामंत का कहना है कि पानी की कमी के कारण बीमसी ने 102 फीसदी पानी आपूर्ति में कटौती का निर्णय लिया था लेकिन कटौती 10 फीसदी से अधिक हो रही है, कहीं कहीं तो 50 फीसदी तक पानी में कटौती किया जा रहा है। पानी की समस्या से परेशान जनता जानना चाहती है कि आखिर शहर में कटौती कितनी हो रही है।उन्होंने आगे कहा कि पहले भी डेप्युटी इंजिनियर के पास अनशन किया था, जिससे मामले का हल निकला, लेकिन दिक्कत फिर शुरू हो गई। नागरिकों की परेशानी को देखत हुए हमने बीएमसी को पत्र भी लिखा है। 

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