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बीएमसी ने लगता है अपने बिते अनुभवों से सिखते हुए अब मैनहोल के खोलने को अपराध की तरह देखने की बात कही है। बीएमसी का कहना है की कोई भी नागरिक अगर मैनहोल खोलते पाया जाता है तो उसपर अपराधिक मामला चलाया जाएगा। सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बीएमसी ने इस बात की सूचना दी।

839 मैनहोलों पर लगाया ग्रिल

बीएमसी ने जस्टिस राजेंद्र सावंत और किशोर सोनवणे की एक खंडपीठ को सूचित किया कि उसने मुंबई के बाढ़ क्षेत्रों में सभी 839 मैनहोलों के तहत सुरक्षात्मक ग्रिल्स स्थापित करने का काम पूरा कर लिया है। बीएमसी ने कोर्ट में दाखिल एक पीआईएल का जवाब देते हुए कोर्ट का बताया जो बॉम्बे अस्पताल में एक गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ दीपक अमरापुरकर के निधन के ठीक बाद दायर किया गया था।

मैनहोल पर हो कुछ संकेत

हालांकी की कोर्ट ने बीएमसी को कहा की जिन जगहों पर मैनहोल है उन जगहों पर आम नागरिको के लिए कुछ संकेत होने चाहिए। खुले मैनहोल के पास कुछ लाल झंडा या एक चेतावनी पोस्ट होना चाहिए। यह कम से कम नागरिकों को सतर्क करेगा कि उन्हें उस दिशा में कदम नहीं उठाना चाहिए।

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