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BMC के वकील ने दायर किया गलत हलफनामा, कोर्ट ने लगाई फटकार


BMC के वकील ने दायर किया गलत हलफनामा, कोर्ट ने लगाई फटकार
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को BMC के पैनल के एक वकील द्वारा गलत तथ्य पेश किए जाने और गलत हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को गुमराह किए जाने के बाद बीएमसी को फटकार लगाई। कोर्ट ने बीएमसी से  कहा की  वह बीएमसी के जूनियर पैनल '' में सूचीबद्ध होने के इच्छुक वकीलों से आवेदन तुरंत आमंत्रित करे। 

गलत हलफनामा दायर

Live law.in की खबर के मुताबिक एक आदेश में  कोर्ट ने बीएमसी को डीपी रोड के किनारे बने अवैध ढांचों को गिराने का निर्देश दिया था। बीएमसी ने 25 नवंबर, 2019 को अपना हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि 34 अनधिकृत ढांचों में से वह 28 अनधिकृत ढांचों को पहले ही ध्वस्त कर चुका है और सिटी कोर्ट के बीएमसी को यथा‌स्‍थ‌िति बनाए रखने के आदेश के कारण ढांचों को अभी तक नहीं गिराया गया है।  8 जनवरी, 2020 को  बीएमसी की पैनल वकील एडवोकेट जयमाला ओसवाल  ने कोर्ट को बताया कि सिटी सिविल कोर्ट मुकदमे में नोटिस की सुनवाई कर रही है और कोर्ट ने 15 जनवरी, 2020 को सुनवाई तय की है। 

पहले ही हो चुका है निपटारा

हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील रोहन महाडिक ने पीठ को बताया कि 8 जनवरी को बीएमसी के वकील द्वारा दिया गया बयान गलत था, क्योंकि  नोटिस को सिटी सिविल कोर्ट ने 1 अक्टूबर, 2015 को ही निपटा दिया था और 16 जनवरी को कोई सुनवाई तय नहीं की गई है।जिसके बाद पीठ ने वकिल को फटकार लगाते हुए कहा की  कोर्ट विश्वास के आधार पर कार्य करता है, कोर्ट वकीलों द्वारा दिए गए बयानों को यह मानकर स्वीकार करती है कि कोर्ट के समक्ष बयान दे रहे वकील को कोर्ट के अधिकारी के रूप में अपने जिम्‍मेदारियों की जानकारी है, ऐसा करने में विफल रहने से अदालत गुमराह होगी, जिससे गलत निर्णय पारित होगा, जैसा कि वर्तमान मामले में किया गया है।"

इसके बादपीठ ने बीएमसी ने सलाह देते हुए कहा की निगम के कानूनी विभाग के बेहतर कामकाज के मद्देनजर, हम सुझाव देते हैं कि निगम को तुरंत एडवोकेट्स के आवेदन आमंत्रित करने चाहिए जो जूनियर पैनल '' में सूचीबद्ध होने के इच्छुक हैं।

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