
राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के साथ मिलकर 15 अप्रैल, 2026 से भारत का पहला इंटीग्रेटेड डिजिटल TDR सिस्टम, e-TDR सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है।(BMC To Launch Indias 1st E-TDR Platform For Seamless Development Rights Trading In Mumbai)
TDR क्या है?
जब किसी मालिक से पब्लिक प्रोजेक्ट (सड़क, पार्क, इंफ्रास्ट्रक्चर) के लिए ज़मीन ली जाती है, तो उसे सीधे फाइनेंशियल मुआवज़े के बजाय डेवलपमेंट राइट्स (TDR) दिए जाते हैं। ये राइट्स डेवलपमेंट राइट्स सर्टिफिकेट (DRC) के रूप में मिलते हैं। मालिक इन राइट्स का इस्तेमाल या बिक्री खुद कर सकता है।
e-TDR सिस्टम का मकसद
यह डिजिटल सिस्टम TDR ट्रांज़ैक्शन को ज़्यादा ट्रांसपेरेंट, सुरक्षित और तेज़ बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर खरीदारों और विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी होगा। साथ ही, इसके ज़रिए रिज़र्व प्लॉट और FSI से जुड़े ट्रांज़ैक्शन भी आसान हो जाएँगे।
ट्रांज़ैक्शन कैसे होगा?
रजिस्टर्ड यूज़र पोर्टल पर लॉग इन करके TDR को बिक्री के लिए लिस्ट कर सकते हैं। खरीदार सीधे बोली लगा सकते हैं। ट्रांज़ैक्शन फाइनल होने के बाद, पूरा पेमेंट डिजिटली किया जाएगा। TDR खरीदार के अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा और बेचने वाले को पैसे मिल जाएंगे। उसके बाद, ‘कॉन्ट्रैक्ट नोट’ नाम का एक डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट बनाया जाएगा, जो कानूनी तौर पर मान्य होगा।
सिक्योरिटी और फीचर्स
KYC बेस्ड रजिस्ट्रेशन और सिक्योर बैंक इंटीग्रेशन
AI बेस्ड एनालिटिक्स सिस्टम
सभी ट्रांज़ैक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड (टैम्पर-प्रूफ)
खरीदार, बेचने वाले और एडमिनिस्ट्रेशन एक ही प्लेटफॉर्म पर
इसके क्या फायदे हैं?
ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी
ट्रांज़ैक्शन तेज़ होंगे
छोटे डेवलपर्स के लिए बराबर मौके
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज़ी
म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े के मुताबिक, पुराने TDR सिस्टम में खरीदारों और बेचने वालों को मैच करने में होने वाली देरी, ओपेसिटी और मुश्किलें नए e-TDR सिस्टम से खत्म हो जाएंगी।
उम्मीद है कि यह सिस्टम मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में शहरी डेवलपमेंट को ज़्यादा कुशल, ट्रांसपेरेंट और नागरिक-केंद्रित बनाएगा।
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