बीएमसी ने म्हाडा को लिखा शौचालयों की मरम्मत के लिए खत

बीएमसी प्रशासन ने पत्र के माध्यम से कहा है कि उन सभी शौचालयों के निर्माण म्हाडा की ओर से किया जाएगा और मरम्मत किए जाने के बाद ही जनता के लिए खोला जाएगा।

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मुंबई में  पिछलें कुछ सालों में इमारतों के गिरने का सिलसिला काफी बढ़ गया है।  इसके साथ ही मुंबई में कई ऐसे शौचालय है जहां पर बीएमसी उस शौचालयों को म्हाडा से अपने पास लेने में नाकाम रही है जिसके कारण इस शौचालयों की मरम्मत का कार्य पिछलें कई सालों से अटका पड़ा है।  शौचालयों के संरचनात्मक ऑडिट से पहले नगरपालिका ने म्हाडा स्लम इंप्रूवमेंट बोर्ड को एक पत्र भेजा है और म्हाडा को इसे कब्जे में लेने के लिए कहा है।बीएमसी  प्रशासन ने पत्र के माध्यम से कहा है कि उन सभी शौचालयों के निर्माण म्हाडा की ओर से किया जाएगा और मरम्मत किए जाने के बाद ही जनता के लिए खोला जाएगा।  

मुंबई में कई ऐसे शौचालय है जिनकी हालत काफी खराब है और उन्हे तुरंत मरम्मत की जरुरत है। म्हा के मुंबई स्लम इंप्रूवमेंट बोर्ड में 85 हजार शौचालय हैं। बोर्ड केवल नए शौचालयों का निर्माण करता है। इसके निर्माण की लागत भी विधायक निधि द्वारा खर्च की जाती है।  लेकिन म्हाडा के शौचालय को बनाने के बाद उनकी मरम्मत का कोई भी प्रवाधान म्हाडा में नहीं है जिसके कारण बीएमसी से इन शौचालयों के रखरखाव की अपेक्षा की जाती है

मुंबई महानगरपालिका नेअब तक म्हाडा की ओर से निर्मित 4402 शौचालयों को अपने कब्जे में लिया गया है। बीएमसी ने खतरनाक शौचालयों का ऑडिट शुरू कर दिया है।  इस कार्य के लिए बीएमसी 16 करोड़ 36 लाख रुपये खर्च करेगी।  बीएमसी ने 1415 शौचालयों में से 934 शौचालयों का संरचनात्मक ऑडिट किया है। इसमें से 383 शौचालय धोखादायक हैं।

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