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भारी बारिश के मद्देनजर महाराष्ट्र में NDRF की 16 टीमों को किया गया तैनात

भारी बारिश के चलते राज्य के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में नदियों और नालों का जल स्तर काफी बढ़ गया है जिससे पानी अब रिहायशी इलाकों में घुस रहा है।

भारी बारिश के मद्देनजर महाराष्ट्र में NDRF की 16 टीमों को किया गया तैनात
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मुंबई सहित महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन की तरफ से राज्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 16 टीमों को तैनात किया गया है साथ ही लोगों से सतर्क रहने को भी कहा गया है। बताया जा रहा है भारी बारिश के चलते राज्य के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में नदियों और नालों का जल स्तर काफी बढ़ गया है जिससे पानी अब रिहायशी इलाकों में घुस रहा है।

मुंबई में पिछले 3 दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। सड़कें नदियों में तब्दील हो गयीं हैं, पानी घरों में घुसने लगा है, लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया। कई सारे हादसे होने की भी घटनाएं सामने आई हैं।

NDRF की जिन 16 टीमों को तैनात किया गया है उसमें से पांच मुंबई में, चार कोल्हापुर में, दो सांगली में और एक-एक ठाणे, पालघर, नागपुर, रायगढ़ और महाराष्ट्र के सतारा जिलों में तैनात किया गया है।

इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने स्थानीय नागरिक निकायों के साथ मिलकर महाराष्ट्र में विभिन्न हिस्सों में बढ़ती बारिश के कारण बाढ़ की भी चेतावनी दी है।

बुधवार और मंगलवार को, मुंबई और आसपास के इलाकों में भी भारी वर्षा हुई। मुंबई शहर और उपनगर के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा होने के बाद लोगों की रूटीन लाइफ प्रभावित हुई। यही नहीं मुंबई के कुछेक हिस्सों से मकान ढहने की घटनाएं भी सामने आईं।

24 घंटों में, दक्षिण मुंबई के कोलाबा में स्थित वेधशाला के अनुसार 330 मिमी से अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी उपनगरों में 146 मिमी वर्षा हुई।  बुधवार रात को बारिश कम हुई थी लेकिन गुरुवार को भारी बारिश दर्ज की गई।

इससे पहले, NDRF ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के पास भायखला और मस्जिद रेलवे स्टेशन के बीच फंसे 350 से अधिक यात्रियों को बचाया। भारी वर्षा के कारण, रेलवे पटरियों पर पानी जमा हो गया था और यात्रियों को बचाने के लिए NDRF की टीम को एक नाव का उपयोग करना पड़ा।

इस बीच, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने उन लोगों के लिए अस्थायी आश्रयों की स्थापना की, जो जलजमाव और बाढ़ के कारण फंसे हुए थे।

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