ट्रिंग-ट्रिंग, पीं-पीं बना रहा आपको जिद्दी और गुस्सैल!

 Mumbai
ट्रिंग-ट्रिंग, पीं-पीं बना रहा आपको जिद्दी और गुस्सैल!

ध्वनि प्रदूषण के मामले में मुंबई ने टॉप किया हुआ है। वजह हम सबको पता है, वाहनों की संख्या में भरमार, लोगों की संख्या में भरमार, प्रार्थना स्थलों में लाउडस्पीकर की भरमार और विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई। अकेले मेट्रों-3 परियोजना में ही लगभग 6 हजार पेड़ों की बली चढ़ाई जा रही है। ध्वनि प्रदूषण इंसान और जानवारों के लिए किसी जहर से कम नहीं है। सरकार भी इस जहर को  विकास का गिफ्ट बताकर परोस रही है। दिन में 55 डेसिबल और रात में 46 डेसिबल से ज्यादा आवाज होने पर लोगों में गुस्सा, हाइपरटेंशन, अनिद्रा, बहरापन जैसी समस्या पैदा होती है।

अगर गुस्सा की बात करें तो मुंबई में इसकी कमी नहीं है। जो लोग लोकल से सफर करते होंगे उन्हें तो अच्छी तरह से पता होगा कि लोकल ट्रेन कैसे लोग छोटी छोटी बात में भिड़ जाते हैं। लोकल ट्रेन में हरकोई खुद को गब्बर सिंह से कम नहीं समझता।


ध्वनि प्रदूषण इनके लिए हानिकारक

मुंबई में बॉलीवुड और टीवी का बड़ा बाजार है। बॉलीवुड एक्टर्स के साथ हमेशा से जनता का समर्थन रहा है। इसलिए वे क्या बोलते हैं, उनकी बातों का समाज में बड़ा असर पड़ता है। हाल ही में फेमस सिंगर सोनू निगम ने अपने ट्वीट में लिखा था, ऊपरवाला सभी को सलामत रखे, मैं मुसलमान नहीं हूं और सुबह सुबह अजान की वजह से जागना पड़ता है। इंडिया में यह जबरन धार्मिकता कब रुकेगी।

उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर तो जैसे जंग ही छिड़ गई। कई लोगों ने इसे धार्मिकता से ही बांधकर देखा। जहां कुछ लोगों ने सोनू के बयान पर आपत्ति प्रगट की तो वहीं एक बड़ा तबका उनके सपोर्ट में भी खड़ा हुआ।


अनुष्का शर्मा दुखी हैं

सोनू निगम ऐसे पहले एक्टर नहीं हैं जिन्होंने मुंबई के शोर के खिलाफ आवाज उठाई हो। दिवाली के वक्त बॉलीवुड एक्ट्रेस जिन्हें जानवरों से बहुत ज्यादा लगाव है, उन्होंने कहा था कि मैं बहुत दुखी होती हूं जब पटाखों की आवाज से जानवरों को परेशानियां झेलनी पड़ती है।


मुंबई की हरेक आवाज इनके लिए म्यूजिक

21 जून को म्यूजिक डे था। इस दिन को सिंगर्स के साथ साथ अन्य बॉलीवुड सेलेब्रिटीज ने भी बड़े हर्ष के साथ इसे मनाया। इसी दिन यूट्यूब चैनल ब्लश में एक्ट्रेस कल्कि कोचलिन का एक वीडियो शेयर किया गया जो बहुत ज्यादा वायरल हो रहा है।


इस वीडियो में सुबह सो कर उठने पर सुनाई देनेवाली मंदिर, मस्जिद और चर्च की प्रार्थना ध्वनि है, तो मछली बाजार का शोर-शराबा भी है। आइसक्रीम बेचने के लिए लगायी गयी पुकार है, तो ट्रैफिक सिग्नल पर पैसों के लिए बजायी जानेवाली किन्नरों की ताली की भी आवाज है। सोशल मीडिया ऐप की नोटिफिकेशन टोन से लेकर रात को सोने के समय बेड से आनेवाली आवाजों को भी इस वीडियो में शामिल किया गया है। पर इसमें ऐसे ही दिखाया गया है कि यह जाने-अनजाने हमारे लिए संगीत की नयी परिभाषा बन चुका है।


पप्पी जी क्या कहते हैं

अपनी कॉमेडी से लोगों को लोट पोट कर देने वाले तनु वेड्स मनु रिटर्न्स फिल्म के पप्पी और असल जिंदगी के दीपक डोबरियाल की हाल ही में फिल्म हिन्दी मीडियम रिलीज हुई। जो हिट रही है और दीपक की एक्टिंग को फिर सराहा गया। पर उनसे जब हमने पूछा कि ध्वनि प्रदूषण क्या कहना है? उन्होंने कहा, मुझे तो लाउडस्पीकर और हॉर्न में म्यूजिक ही सुनाई देता है। आप भी सोचोगे तो आपको भी मंदिर और अजान से म्यूजिक ही सुनाई देगा।


आपकी राय

आपके चहेते स्टार्स ध्वनि प्रदूषण पर क्या राय रखते हैं, आप जान ही गए हैं। पर आपकी क्या राय है हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं।


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