खिचड़ी की जगह मध्यान्ह भोजन में अब बच्चों को मिलेगा ज्वार-भाकरी

अक्टूबर महीने से छात्रों को ज्वार, भाकरी और दाल दिया जाएगा। भारतीय अन्न महामंडल की तरफ से सभी स्कूलों में ज्वार और बाजरे उपलब्ध कराये जाएंगे।

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केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से अब कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के बच्चों को मध्यान्ह भोजन के तहत खाने के लिए ज्वार और बाजरे की भाकरी दी जाएगी। यही नहीं भाकरी के साथ चना, मटर जैसे मोटे अनाज के दाल भी दिए जाएंगे। इसके पहले बच्चों को खाने के लिए खिचड़ी दी जाती थी। बच्चों को खाने में अधिक पौष्टिक वाला खाना मिले इसीलिए मध्यान्ह भोजन के मेन्यु में बदलाव किया गया है।

अक्टूबर महीने से छात्रों को ज्वार, भाकरी और दाल दिया जाएगा। भारतीय अन्न महामंडल की तरफ से सभी स्कूलों में ज्वार और बाजरे उपलब्ध कराये जाएंगे। इस समय जो खिचड़ी दी जा रही है उसे लेकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कभी अनाज की कमी तो कभी बनाने वाला ही गैर हाजिर रहता था।

छात्रों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए स्कूलों में महिलाओं की नियुक्ती की जाएगी, जबकि इस समय खिचड़ी पुरुष बना रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या भाकरी बनाते समय कोई परेशानी नहीं होगी। कई स्कूलों के मुख्याध्यापकों का कहना है कि जिनसे खाना बनवाया जाता है उनको मिलने वाला मानधन बेहद ही कम है। इससे लोग हतोत्साहित होते हैं और काम पर नहीं आते। इसीलिए उंनका मानधन बढ़ाये जाने की मांग की जा रही है। साथ ही इस बात को लेकर भी आशंका जताई जा रही है कि क्या समय पर अनाज उपलब्ध हो सकेंगे?

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