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मुंबई में कोरोना के बीच मलेरिया के केस में भी हो रही है वृद्धि

इस साल, बरसात के मौसम में कोरोना महामारी अन्य संक्रामक बीमारी से निपटने की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।

मुंबई में कोरोना के बीच मलेरिया के केस में भी हो रही है वृद्धि
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मुंबई (Mumbai) में जैसे-जैसे कोरोना (Coronavirus) रोगियों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे BMC को मलेरिया (malaria), गैस्ट्रो (gaistro) और लेप्टोस्पायरोसिस (lepto) को नियंत्रित करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। नवंबर में अब तक मलेरिया के 249 मामले, गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 127 मामले और लेप्टोस्पायरोसिस के 23 मामले सामने आ चुके हैं। मलेरिया (malaria) के प्रसार को नियंत्रण में रखने के लिए नगरपालिका को फिर से प्रयास करना पड़ रहा है।

इस साल, बरसात के मौसम में कोरोना महामारी अन्य संक्रामक बीमारी से निपटने की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। फिर भी BMC ने मच्छरों की उत्पत्ति के स्थानों को नष्ट करने के प्रयास किए, उन स्थानों को ढूंढा गया जो मलेरिया के प्रसार का कारण बने।

सर्दी की शुरुआत के बाद अस्थमा, सर्दी और खांसी जैसी शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कोरोना संक्रमण से आम जनता के मन में भ्रम पैदा होता है कि वास्तव में उन्हें बुखार या सर्दी है या कोरोना। डॉक्टरों का कहना है कि, इस बारे में डॉक्टरों द्वारा बार बार अपील के बाद भी लोग डॉक्टरों से संपर्क करने में कतरा रहे हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक, यदि नियमित अंतराल पर बुखार के साथ ठंड लगना, कंपकंपी छूटना, रुक रुक कर बुखार आना जैसी शिकायतें नजर आती हैं तो, तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस महीने मलेरिया केस की संख्या कम है, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ ने कहा कि मलेरिया, गैस्ट्रोएन्टेरिटिस और लेप्टोस्पायरोसिस को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है।

BMC के एक अधिकारी ने बताया, महामारी नियंत्रण के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण के लिए कीटनाशक विभाग के माध्यम से जंतुनाशक का छिड़काव करके मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने का काम किया जा रहा है।

पिछले साल मलेरिया के 4,357 मामले सामने आए थे लेकिन कोई मौत नहीं हुई थी।  इस साल 4553 मरीज सामने आए हैं और एक की मौत हुई है। पिछले साल यानी 2019 में नवंबर महीने में 249 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस साल नवंबर महीने में मलेरिया से 299 लोगों की मौत हुई है। पिछले साल गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीजों की संख्या 535 थी और इस साल यह 127 है।  पिछले साल एच 1 एन 1 के एक मरीज का पंजीकरण किया गया था लेकिन इस साल कोई भी मरीज पंजीकृत नहीं किया गया है।

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