'राजभवन को शिफ्ट कर वहां बने शिवाजी स्मारक'

शिवाजी महाराज का स्मारक को मुंबई के अरब सागर में बनाया जाएगा जिस दिन से यह सामने आई तभी से इसका विरोध पर्यावरण प्रेमी सहित कई संगठन कर रहे है। और इस स्मारक का बनाने का काम जिस दिन शुरू हुआ उस दिन यहां दुर्घटना घट गयी। अब इसके बाद फिर से इस स्मारक के विरोध में स्वर मुखर हो गए हैं।

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शिवाजी महाराज का स्मारक को मुंबई के अरब सागर में बनाया जाएगा जिस दिन से यह सामने आई तभी से इसका विरोध पर्यावरण प्रेमी सहित कई संगठन कर रहे है। और इस स्मारक का बनाने का काम जिस दिन शुरू हुआ उस दिन यहां दुर्घटना घट गयी। अब इसके बाद फिर से इस स्मारक के विरोध में स्वर मुखर हो गए हैं।  

मराठा महासंघ अब इस स्मारक को बनाये जाने का विरोध कर रहा है। संघ के संस्थापक पुरुषोत्तम खेडेकर ने इस बाबत एक पत्र भी सरकार को लिखा है। उसके मुताबिक इस स्मारक को समुद्र में नहीं बल्कि कहीं जमीन पर बनाने की मांग की गयी है।

खेडेकर ने इस स्मारक को लेकर सवाल उठाये हैं, उनका कहना है कि करोडो अरबो खर्च करके सरकार इस स्मारक को बना रही है। लेकिन इतना खर्च करने के बाद भी यह स्मारक छह महीने बंद ही रहेगा जिसका दर्शन शिव भक्त नहीं कर पाएंगे। साथ ही वहां जाने के लिए जो खर्चा करना पड़ेगा वह अलग, जिसका वहन एक गरीब आदमी नहीं उठा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि मराठा संघ पहले ही मांग करता रहा है कि इस स्मारक को कहीं जमीन पर सुरक्षित जगह बनाना चाहिए। अब बोट दुर्घटना से यह बात सिद्ध भी हो गयी। उन्होंने कहा कि इसकी क्या गारंटी है कि अब आगे किसी भी प्रकार की दुर्घटना नहीं होगी।

जब उनसे पत्रकारों ने स्मारक के लिए कोई जगह बताने का सवाल पूछा तो उन्होंने राजभवन की जगह का विकल्प बताया। खेडेकर के मुताबिक राजभवन को कहीं और शिफ्ट किया जाए और वहां शिव स्मारक बनाया जाये। आपको बता दें कि मराठा महसंघ के बाद संभाजी ब्रिगेड भी इस स्मारक की जगह के विरोध में उतर आया है। 

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