रोक के बाद भी एमएमआरसी ने आरे में शुरू किया काम

गोरेगांव - गोरेगांव स्थित आरे के यूनिट नंबर 19 में गुरुवार को मेट्रो-3 के लिए बनने वाले कारशेड के लिए मिटटी की जांच की गयी। इस मौके पर भारी पुलिस बलों की भी तैनाती की गयी थी। इसके पहले भी एमएमआरसी की तरफ से मिटटी की परिक्षण के लिए गयी टीम को स्थानीय तबेले वालों का भारी विरोध का सामना करना पड़ा था जिसके कारण एहतियात के टूर पर इस बार पुलिस बल की तैनाती की गयी थी।

आरे में मेट्रो-3 के कारशेड के लिए स्थानीय लोगों के साथ साथ कई एनजीओ और पर्यावरणविद भी इस सरकार के प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय निवासी और अन्य संगठनों ने इस मामले में ग्रीन ट्रिब्यूनल के पास भी गये, जिस पर ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आरे से लेकर जेवीएलआर तक कुल 3 हेक्टेयर की हरीत पट्टी को छोड़ने के लिए कहा था लेकिन एमएमआरसी ने गुरूवार को काम शुरू कर दिया।

बुधवार 29 मार्च को एमएमआरसी ने यूनिट 19 में काम शुरू करने के लिए ग्रीन ट्रिब्यूनल से कम शुरू करने की मंजूरी मांगी थी लेकिन ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मंजूरी देने से मना कर दिया था लेकिन एमएमआरसी ने सभी कानूनो को ताक पर रखते हुए काम शुरू कर दिया।

आरे बचाओ के सदस्य आशीष पाटिल ने कहा कि एमएमआरसी ने काम शुरू करने के लिए पुलिस की सहायता ली है। काम को लेकर न तो पुलिस वाले और ना ही कोई अधिकारी जानकारी दे रहा है। पाटिल ने आगे कहा कि जन उन्होंने एमएमआरसी के उच्च पदाधिकरियों को फोन किया तो फोन पहुँच से बाहर था।

सेव ट्री नामकी एनजीओ के सदस्य जोरू बाथेना ने कहा कि एमएमआरसी के विरोध में हम कोर्ट की शरण में जायेंगे। ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की भी बात कही। अब इस मामले में 10 अप्रैल को ग्रीन ट्रिब्यूनल और दो सप्ताह बाद कोर्ट में सुनवाई है जिस पर सब की निगाहें टिकी है।

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