महंगी बिजली: अडानी ग्रुप के खिलाफ मोर्चा

बुधवार को साकीनाका स्थित बिजली केंद्र के बाहर अडानी ग्रुप के खिलाफ आंदोलन मोर्चा निकाला। इस मोर्चे ने आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली सहित राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष अब्बास मिर्जा और अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल थे।

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जब से रिलायंस इलेक्ट्रीसिटी ने मुंबई उपनगर बिजली वितरण का कारोबार अडानी ग्रुप को सौंपा है तब से अदानी पर बिलों की कीमतों में वृद्धि करने का आरोप लग रहा है। इसी कड़ी में बड़ी संख्या में लोगों ने बुधवार को साकीनाका स्थित बिजली केंद्र के बाहर अडानी ग्रुप के खिलाफ आंदोलन मोर्चा निकाला। इस मोर्चे ने आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली सहित राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष अब्बास मिर्जा और अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल थे।

बिजली नियामक आयोग ने साल 2018-19 के लिए बिजली के दामों में 0.24 फीसदी बढ़ोत्तरी की अनुमति दी थी, लेकिन लोगों का कहना है कि जब उनका नया बिल आया तो उसमें 50 रुपए से लेकर 500 रुपए तक कि वृद्धि की गयी थी। इस वृद्धि से माहीम से लेकर दहिसर और सायन से लेकर कांजुरमार्ग तक के लोगों में नाराजगी फ़ैल गयी।

साकीनाका इलाके में रहने वाले लोगों को इस बढे हुए बिजली के दामो के खिलाफ सड़क पर उतर कर अडानी ग्रुप के खिलाफ नारेबाजी की और बिजली के दामों में कमी करने की मांग की।

इस मौके पर अनिल गलगली ने कहा कि बिजली के दामों ने जो बढ़ोत्तरी हुई है उसकी जांच प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए, बिजली कंपनियों द्वारा जारी ऐसी लूटमार हम नहीं सहेंगे। जनता के मेहनत का पैसा गलत तरीके से लूटा जा रहा है इसी के विरोध में हम आन्दोलन कर रहे हैं।

गलगली ने आगे कहा कि अडानी को बिजली से संबंधित सभी नियमों को पारदर्शी तरीके से अपनाना होगा इसके लिए बिजली से हुई आय और खर्चे को वेबसाईट पर अपलोड करना होगा।

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