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बीएमसी बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में कोई बदलाव नहीं

बीएमसी ने इस बार के बजट में जहां ट्रेड लाइंसेस , प्रमाणपत्रशुल्क की फिस में बढ़ोत्तरी की है

बीएमसी बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में कोई बदलाव नहीं
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देश की सबसे अमीर नगर निकाय बीएमसी ने मगलवार को अपना बजट पेश किया। बीएमसी ने साल 2020-21 के लिए कुल 33,441 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।  पिछले साल बीएमसी ने  30,692 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस बजट में जहां आम लोगों को ज्यादा कुछ हाथ नहीं लगा तो वही दूसरी ओर इंफ्रास्ट्रक्टर पर जोर दिया गया है।  हालांकी बीएमसी ने इस बार के बजट में ट्रेड लाइंसेस , प्रमाणपत्रशुल्क जैसे फिस को हर साल 5 फिसदी बढ़ाने का फैसला किया है। 

प्रॉपर्टी टैक्स में कोई भी बदलाव नहीं
 
बीएमसी ने इस बार के बजट में जहां ट्रेड लाइंसेस , प्रमाणपत्रशुल्क की फिस में बढ़ोत्तरी की है तो वही दूसरी ओर प्रॉपर्टी टैक्स में किसी भी तरह का कोई भी बदलाव नहीं किया है।    बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी द्वारा बीएमसी की स्थायी समिति के समक्ष पेश किए गए बजट में 'नागरिक खुशी सूचकांक' को ध्यान में रखते हुए पहल की गई हैजो बेहतर सड़कों और कनेक्टिविटी, बेहतर परिवहन,गुणवत्तापूर्ण पेयजल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसी कुशल नागरिक सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगी।

कमाई बढ़ाने का भी इरादा
प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन में काफी पिछड़ चुकी बीएमसी सालों से बकाया पड़े टैक्स वसूली के लिए अभियान शुरू कर रही है। इसके अलावा, पर्यटन को बढ़ावा देकर कमाई बढ़ाने का भी इरादा है।अब मुंबईकरों के प्रॉपर्टी टैक्स में जल कर के बदले कचरा फीस और सीवरेज टैक्स के बदले सीवेज और पानी की फीस के रूप में पैसे लिए जाएंगे। स्वच्छ भारत के तहत कचरा उठाने के चार्ज को दिखाने के लिए यह फैसला किया गया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने बजट पेश करते हुए आखिर में कहा कि संपत्ति कर, जल कर या सीवर पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है।

इसके अलावाघटती कमाई को बढ़ाने के लिए अवैध निर्माण को रेग्युलराइज करने समेत कई अन्य उपाय किए गए हैं। बीएमसी ने खर्च में कटौती के लिए सारी भर्तियों पर रोक लगा दी है। 

यह भी पढ़े- बीएमसी में पर्यटन के लिए बनेगा अलग से विभाग

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