इस साल गणपति पर प्लास्टिक और थर्माकोल का इस्तेमाल बंद, ये हो सकते है अच्छे विकल्प!


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मुंबई सहीत पूरे देश में गणेशोत्सव पूरे धूम धाम से मनाया जाता है। बप्पा की बड़ी बड़ी मुर्तियों से लेकर छोटी छोटी मुर्तियों तक को घरों और मंडलो में स्थापित किया जाता है। घरों में बैठनेवाले बप्पा के लिए हम कई बार थर्मॉकॉल से बने प्लास्टिक के मंडप का इस्तेमाल करते है , लेकिन इस साल से राज्य में प्लास्टिक और थर्मॉकॉल की बिक्री पर पाबंदी लगने के बाद बप्पा के मंडप के लिए अब थर्मॉकॉल बाजार में उपलब्ध नहीं होंगे।

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अनंत चतुर्थी के दिन, गणपति की मुर्ति विसर्जन के साथ साथ थर्माकॉल के मंदिरों को भी तालाबों में बहा दिया जाता है , जिसके कारण पानी में रहनेवाले वन्यजीवों के लिए काफी खतरनाक स्थिती पैदा हो जाती है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी एक बड़ा नुकसान होता है। राज्य सरकार ने गणेशोत्सव में भी थर्मोकॉल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

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क्या क्या हो सकते है विकल्प
राज्य में प्लास्टिक और थर्माकोल पर लगी पाबंदी के बाद इस साल से दुकानदार भी मंजप को बनाने के लिए नए नए तरिके अपना रहे है। थर्माकोल की जगह अब कागज और गत्तेदार फुट्टों की मदद से गणपति के मंडल बनाए जा सकते है। इसके साथ ही कपड़े का इस्तेमाल कर भी मंडप का अच्छी तरह से सजाया जा सकता है। 

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