पुलिस और पॉलिटिक्स!

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने पुलिस की सेवा से इस्तीफा दे दिया है और कयास लगाए जा रहे है की वह जल्द ही राजनीति में भी शामिल हो सकते है।

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मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने अपनी पुलिस की सेवा से इस्तीफा दे दिया है।  कयास लगाए जा रहे है की आनेवाले समय में महाराष्ट्र में होनेवाले विधानसभा चुनाव में अपना हाथ आजमा सकते है। खबरों की माने तो प्रदीप शर्मा बीजेपी से साकीनाका इलाके से विधानसभा चुनाव लड़ सकते है। हालांकी अभी तक प्रदीप शर्मा का इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है और वह अभी भी पुिलस की सेवा में है।

 करियर में उतार चढ़ाव

प्रदीप शर्मा का करियर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है।  प्रदीप शर्मा को गैंगस्टर लखन भईया के फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप में सस्पेंड किया गया था। प्रदीप शर्मा के साथ कुल 13 पुलिसकर्मी इस मामले में 2008 में सस्पेंड किए गए थे। साल 2013 में आए फैसले में प्रदीप शर्मा को दोषमुक्त कर दिया गया और वे नौकरी में वापस आए। 100 से ज्यादा एनकाउंटर कर चुके प्रदीप शर्मा फिलहाल ठाणे क्राइम ब्रांच में तैनात थे।

काफी पहले शुरु की तैयारी

दरअसल प्रदीप शर्मा के मन में राजनीति में जाने का ख्याल कोई एकाएक नहीं आया। उन्होने इसकी तैयारियां काफी पहले ही शुरु कर दी थी। पिछलें साल रक्षाबंधन के मौके पर मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा  ने 12000 महिलाओं से राखियां बंधवाई। अंधेरी में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 12000 अलग अलग धर्मो की महिलाओं ने प्रदीप शर्मा को हर साल की तरह इस साल भी राखियां बांधी। इसके अलावा भी प्रदीप शर्मा अंधेरी इलाके में ही कई तरह के सामाजिक कार्य करने भी शुरु कर दिये।  


पीएस फाउंडेशन की स्थापना

प्रदीप शर्मा ने सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने के लिए पीएस फाउंडेशन  की स्थापना की। प्रदीप शर्मा इसी संस्थान के जरिये समजासेवा का कार्य करते है। अंधेरी और उसके आसपास के इलाको में प्रदीप शर्मा ने कई तरह के सामाजिक कार्य करने भी शुरु किये। प्रदीप शर्मा ने काफी पहले से ही मन बना लिया था की उन्हे सामाजिक कार्यों के लिए अपना आनेवाले समय देना है और इसका सबसे अच्छा जरिया होगा राजनीति में आना। 


पहले भी की अधिकारी कर चुके है राजनीति में प्रवेश

प्रदीप शर्मा मुंबई पुलिस के पहले अधिकारी नहीं होगे जो पुलिस की सेवा छोड़कर राजनीति गलियारे में जा रहे है।  इसके पहले पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर अरुप पटनायक और सत्यपाल सिंह भी पुलिस की नौकरी के बाद राजनीति में प्रवेश किया। पूर्व पुलिस कमिश्नर अरुप पटनायक ने उड़ीसा में बीजेडी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की , उन्होने 2019 का लोकसभा चुनाव बी लड़ा , हालांकी बीजेपी की अपराजिता सारंगी ने बीजद के अरूप पटनायक को 23,839 वोटों से हराया है। 

वही मुंबई पुलिस के ही पूर्व पुलिस कमिश्नर  सत्यपाल सिंह ने भी पुलिस की नौकरी करने के बाद साल 2014 में वउत्तर प्रदेश की बागपत सीट से बीजेपी  के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वह फिर से इसी सीट से लोकसभा चुनाव जीते और अब वह भारत सरकार ने  मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री के पद पर है।  

 खैर अब ये देखना दिलसचस्प होगा का क्या एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहलानेवाले प्रदीप शर्मापॉलिटिक्स स्पेशलिस्ट बन पाते है। 

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