भाडे पर दी गई पूरानी जमीनो के पूर्नविकास का रास्ता साफ

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भाडे पर दी गई पूरानी जमीनो के पूर्नविकास का रास्ता साफ

बीएमसी द्वारा भाड़े पर दिए गए जमीनों के नुतनीकरण का कार्य आसानी से शुरु हो सकता है। बुधवार को सुधार समिति ने इस बात की मंजूरी दे दी है। मुंबई शहर सुधार विश्वस्त का सन 1933 में बीएमसी के साथ विलय हुआ। जिसके कारण इस विभाग में आनेवाले सारी जमीन बीएमसी के अधिन हो गए। जिसके अंतर्गत अनुसूचित डब्ल्यू, अनुसूचित वी, अनुसूचित एक्स, अनुसूचित वाय, अनुसूचित जेड और बीएमसी , ऐसे प्रकार के 4 हजार 177 भूखंड कामस्वरुपी 10 साल से लेकर 999 साल तक भाडे के लिए दिए गए है। इनमे से 242 भूखंडो की अवधि समाप्त होने के बाद भी अभी तक उनका नूतनिकरण नहीं किया गया है।
जिसके विकास के लिए बीएमसी ने एक प्लान तैयार किया था, उस प्लान के बुधवार को सुधार समिती की ओर से मंजूरी दे दी गई। इस बात की जानकारी सुधार समिती की बैठक में उपस्थित उपायुक्त चंद्रशेखर चौरे ने दी ।

महालक्ष्मी रेसकोर्स, वेलिंग्टन क्लब के साथ साथ डब्लू सुचि के भूखंड इसमे शामिल है। साथ ही उपायुक्त चंद्रशेखर चौरे ने कहा की जिन भाडेपर दिए गए भूखंडो पर अनाधिकृत बांधकाम किए गए है उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा। कई भूखंडो को 1900 और 1910 में दिया गया था, जिनके भाड़े की अवधि अब समाप्त हो गई है। इस भूखंडो का पुर्ननिर्माण किया जाएगा। साथ ही नूतनीकरण के बाद भी सिर्फ इन भूखंडो को 30 साल के लिए ही भाड़े पर दिया जाएगा।

सरकार लेगी 70 फिसदी हिस्सा
राज्य सरकार द्वारी दिए गए बीएमसी के डब्ल्यू भूखंड से मिलनेवाली कमाई का आधा हिस्सा फिलहास सरकार को जाता है। इन जमीनो से मिलनेवाले टैक्स का 50 फिसदी सरकार और 50 फिसदी बीएमसी लेती है। लेकिन डब्ल्यू भूखंड के बारे में कोई भी निर्णय लेने का एकाधिकार सरकार ने अपने पास रखा है। जिसके कारण अब इस जमीन से मिलनेवाले टैक्स का 70 फिसदी हिस्सा राज्य सरकार को जाएगा।



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