COD बाधित लोगों को मिली राहत ,शहर विकास विभाग ने जारी किया सर्कुलर

इस परिपत्रक में कहा गया है की सीओडी के आपसपास रहनेवाले लोगों के रिडेवलेपमेंट का काम अक्टूबर 2016 में रक्षा मंत्रालय और नवंबर 2016 में शहर विकास विभाग द्वारा निकाले गए परिपत्रक के अनुसार ही किया जाएगा।

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कांदिवली और मालाड इलाके में रहनेवाले कई लोगों को आखिरकार सीओडी की समस्या से छूटकारा मिल गया है।  मालाड और कांदिवली में सेंट्रल ऑर्डिनेंस डेपो के पास रहनेवाले लगभग 3000 लोगों को सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है।  शहरी विकास मंत्रालय ने इस मामले में एक परिपत्रक जाहीर किया है।  इस परिपत्रक में कहा गया है की सीओडी के आपसपास रहनेवाले लोगों के रिडेवलेपमेंट का काम अक्टूबर 2016 में रक्षा मंत्रालय और नवंबर 2016 में शहर विकास विभाग द्वारा निकाले गए परिपत्रक के अनुसार ही किया जाएगा।  सांसद गोपाल शेट्टी और विधायक अतुल भातखलकर ने लगातार इस मामले को सरकार के सामने उठाया।

क्या है अक्टूबर 2016 का रक्षा मंत्रालय का परिपत्रक

अक्टूबर 2016 में सरकार ने यहां पर जर्जर इमारतों में रहनेवालो लोगों की स्थिती को देखते हुए  सीओडी के पास के निर्माण को सीमा को 500 मीटर से घटकार 10 मीटर कर दिया गया था। जिसके बाद नवंबर 2016 को राज्य सरकार ने भी रक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए एक परिपत्रक निकाला था।  

क्यो फिर से निकालना पड़ा परिपत्रक

लोकल मिलिट्री ऑथिरिटी ने कांदिवली और मालाड के कुछ हिस्सो में जहां सीओडी (सेंट्रल ऑर्डिनेंस डेपो) के आसपास बन रही इमारतो को  सीओडी के लिए खतरनाक बताया था और इसके साथ ही पुलिस शिकायत भी की था। लोकल मिलिट्री ऑथिरिटी ने बीएमसी और पुलिस ने इस सभी निर्माणकार्यों को तोड़नो या फिर चल रहे निर्माणकार्य को रोकने की मांग की थी। लोकल मिलिट्री ऑथिरिटी ने इस बाबत एक नोटिस भी जारी किया थी। जिससे इन इलाको में रह रहे लोगों को पुर्नविकास का कम लगभग ठप्प हो गया था। काम को फिर से शुरु करने के लिए सरकार को एक बार फिर से परिपत्रक निकालना पड़ा है।

यह भी पढ़े- सीओडी के पास बन रही इमारतो को लेकर लोकल मिलिट्री ऑथिरिटी ने की शिकायत

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