शिक्षकों के लिए सागौन के कुर्सी-टेबल का प्रस्ताव अस्वीकृत

 Mumbai
शिक्षकों के लिए सागौन के कुर्सी-टेबल का प्रस्ताव अस्वीकृत

मुंबई महापालिका के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए इको फ्रेण्डली बेंच और डेस्क की व्यस्था करने के बजाय अब शिक्षकों के लिए सागौन की लकड़ी की कुर्सी और टेबल की सुविधा करने के प्रस्ताव को स्थायी समिति ने अस्वीकृत कर दिया है। यह प्रस्ताव मंजूर करने के लिए शिवसेना ने प्रस्ताल रखा था, लेकिन पर्यावरण के मुद्दे पर सागौन की लकड़ी के बेंच व टेबल की जरूरत पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने इस प्रस्ताव को अस्वीकृत करने की मांग की, जिसका विरोधी पक्षों द्वारा समर्थन देने के चलते बहुमत के आधार पर इस प्रस्ताव को अस्वीकृत करने का फैसला समिति के अध्यक्ष ने किया।

मुंबई महापालिका के मराठी,अंग्रेजी,हिंदी के साथ सभी माध्यमों के स्कूलों में सागौन की लकड़ी के कुर्सी और टेबल सप्लाई करने की निविदा महापालिका ने मांगी थी। जिसमें सागौन की 2438 कुर्सियां और 1116 टेबल खरीदने के लिए संदीप टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज कंपनी को चुना गया था।

मंजूरी के लिए आए इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए भाजपा के महापालिका गटनेता मनोज कोटक ने कहा कि एक तरफ बच्चों को पेड़ लगाने का आह्वान किया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ शिक्षकों को सागौन की टेबल व कुर्सी सप्लाई की जा रही है। यह पर्यावरण के लिए घातक है। इस पर भाजपा के प्रभाकर शिंदे ने पर्यावरण के लिए घातक होने के चलते प्रस्ताव को नामंजूर करने की मांग की थी। वहीं कांग्रेस के गटनेता रवि राजा के पर्यावरण विचार करते हुए जब विद्यार्थियों को इको फ्रेंण्डली बेंच व डेस्क दिए जा रहे हैं तो शिक्षकों को भी इको फेंण्डली टेबल कुर्सी की सप्लाई की जाने की मांग उठाई। सभागृह नेता यशवंत जाधव ने कहा कि यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए आवश्यक है, प्रशासन इसकी पूरी जांच के बाद ही खरीदी करेगा। इसलिए यह प्रस्ताव मंजूर करने से भविष्य में प्रशासन इको फ्रेंण्डली का इस्तेमाल कर सकेगा। जिसके बाद प्रस्ताव उपसूचना के लिए डाल दिया गया। जिसमें भाजपा के साथ कांग्रेस, सपा और राष्ट्रवादी के सभी 14 सदस्यों ने इस प्रस्ताव नामंजूर करने के पक्ष में मतदान किया। वहीं समर्थन में शिवसेना के आठ सदस्यों ने मतदान किया। जिसके बाद स्थायी समिती अध्यक्ष रमेश कोरगावकर प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया।

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