• शिवाजी स्मारक कार्य के दौरान समुद्र में बोट हुई दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत
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शायद इसी को कहते हैं सिर मुंडाते ही ओले पड़ना, बुधवार को छत्रपती शिवाजी महाराज के स्मारक बनाने का काम शुरू हुआ था, इस दौरान ही हादसा घट गया। स्मारक के काम के लिए गिरगांव से 25 लोगों को मौके पर ले जा रही एक स्पीड बोट अचानक पत्थर से टकरा कर पलट गयी, इससे बोट का फर्श फट गया और उसमें पानी भरने लगा, इससे वहां हड़कंप मच गया। वहां उपस्थित दूसरी बोट से अन्य लोगों को निकाल लिया गया। 

यह घटना बुधवार दोपहर 4:45 घटी। घटना के बाद बचाव के लिए कोस्टगार्ड के 2 हेलीकॉप्टर और 2 अन्य बोट को दुर्घटनास्थल पर भेज दिया गया। हालांकि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जिस व्यक्ति की मौत हुई उसका नाम सिद्देश पवार है और वह शिव संग्राम संगठन का सदस्य बताया जाता है।

(यही वह बोट है जो दुर्घटनाग्रस्त बताई जाती है)आपको बता दें कि आज यानि बुधवार 24 अक्टूबर से ही शिवाजी स्मारक का काम शुरू हुआ है। जहां स्मारक बनना है वहां मिट्टी के भराव का काम चल रहा है। इसी काम के लिए गिरगांव से 25 लोगों को एक स्पीड बोट के जरिये मौके पर ले जाया जा रहा था। इस बोट में अधिकारी, पत्रकार सहित अन्य लोग भी थे। बोट पर उपस्थित लोगों ने बताया कि बोट जब चल रही थी तभी उसका तल भाग एक पत्थर से टकरा गया और फर्श फट गया जिससे उसमें पानी भरने लगा, पानी इतना जल्द भर गया कि देखते ही देखते कमर तक पानी आ गया जिससे लोग डर गए और चिल्लाने लगे और देखते ही देखते बोट समुद्र में पलटी हो गया।


इसके बाद वहां उपस्थित अन्य बोट से सभी को रेस्क्यू कर लिया गया। इस हादसे की खबर मिलने के बाद कोस्टगार्ड के 2 हेलीकॉप्टर और 2 अन्य स्पीड बोट को फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के साथ मौके पर रवाना कर दिया गया। इस हादसे के बाद शिव स्मारक के काम को रोक दिया गया है। 

हादसे के बाद शिव स्मारक समिति के अध्यक्ष विनायक मेटे ने कहा कि 4:30 बजे के लगभग एलएनटी के कुछ कर्मचारी, पत्रकार और कुछ लोग बोट से उसी जगह जा रहे थे जहां स्मारक का कार्य चल रहा है। अचानक पानी बोट के अंदर आने लगा और प्रेसर से बोट की फर्श फट गयी जिससे पानी तेजी से अंदर आने लगा। इसके बाद तत्काल दूसरी बोट ने पहुंच कर सभी को वहां से सुरक्षित निकाला, लेकिन एक शख्स अभी भी लापता है। 

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