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सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मांग का असर, परिवहन मंत्री ने तुरंत लिया एक्शन

ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा फैसला

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मांग का असर, परिवहन मंत्री ने तुरंत लिया एक्शन
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ऐप-आधारित टैक्सी और राइड-हेलिंग सेवाओं के माध्यम से यात्रियों से जबरन टिप मांगने, अतिरिक्त राशि वसूलने तथा उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर आर्थिक शोषण किए जाने के मामलों के खिलाफ कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे द्वारा उठाई गई मांग का राज्य के परिवहन मंत्री श्री प्रताप सरनाईक ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने परिवहन आयुक्त को संबंधित कंपनियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।(The Transport Minister took immediate action following the demand of MP Dr. Shrikant Shinde.)

पिछले कुछ दिनों से विभिन्न ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ यात्रियों की बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आ रही थीं। यात्रा स्वीकार करने के बाद अतिरिक्त टिप या ज्यादा किराए की मांग करना, मांग पूरी न होने पर सवारी रद्द कर देना या यात्रियों को मानसिक रूप से परेशान करना जैसी घटनाएं बढ़ रही थीं। इस पर सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया के माध्यम से कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की थी।

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मांग पर संज्ञान लेते हुए परिवहन मंत्री श्री प्रताप सरनाईक ने तत्काल प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि यात्रियों से जबरन टिप मांगना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने संबंधित कंपनियों के कामकाज की जांच कर आवश्यक कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश परिवहन आयुक्त को दिए हैं।

इस दौरान परिवहन मंत्री सरनाईक ने इस गंभीर मुद्दे को उनके संज्ञान में लाने के लिए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि ऐप-आधारित टैक्सी और राइड-हेलिंग सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। साथ ही, इस क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और यात्री हितैषी बनाने के उद्देश्य से जल्द ही एक नई एग्रीगेटर नीति लागू की जाएगी।

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे लगातार यात्रियों के हितों की आवाज उठाते रहे हैं। यात्रियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध हों, इसी उद्देश्य से उन्होंने यह मांग उठाई थी। उनके इस प्रयास और लगातार किए गए अनुसरण के बाद राज्य सरकार द्वारा तत्काल कदम उठाए जाने से लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मांग क्या थी?

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने परिवहन मंत्री श्री प्रताप सरनाईक से ऐप-आधारित टैक्सी और राइड-हेलिंग सेवाओं द्वारा यात्रियों पर थोपी जा रही अन्यायपूर्ण और शोषणकारी प्रथाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जरूरत के समय यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका आर्थिक शोषण करना, उनसे अतिरिक्त राशि या टिप देने के लिए दबाव बनाना और उन्हें परेशान करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। यह केवल एक गलत व्यावसायिक व्यवहार नहीं, बल्कि यात्रियों को उनकी जरूरत के समय बंधक बनाकर रखने जैसा है।

डॉ. शिंदे ने कहा था कि ग्राहकों द्वारा स्वेच्छा से दी जाने वाली टिप अच्छी सेवा की सराहना का प्रतीक होती है, लेकिन टिप या अतिरिक्त शुल्क के लिए दबाव बनाना, सेवा देने से इनकार करने की धमकी देना या यात्रियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा था कि यात्रियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित सेवा मिलना उनका मूलभूत अधिकार है। इसलिए इस प्रकार की शोषणकारी और उपभोक्ता-विरोधी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाते हुए संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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