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धारावी पैटर्न को वाशिंगटन पोस्ट ने सराहा, WHO भी कर चुका है बखान

धारावी पैटर्न (dharavi pattern) को अब वाशिंगटन पोस्ट (Washington Post) ने भी सराहा है, साथ ही बीएमसी (BMC) के कार्यों की प्रशंसा की है। वाशिंगटन पोस्ट अमेरिका (america) का सबसे बड़ा और प्रतिष्टित अखबार है।

धारावी पैटर्न को वाशिंगटन पोस्ट ने सराहा, WHO भी कर चुका है बखान
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भारत हो नहीं एशिया में सबसे बड़ी झुग्गी झोपड़ी वाले स्लम इलाके के रूप में जानी जाने वाली धारावी, (asia largest slum area dharavi) कोरोना से अब काफी हद तक राहत में है। कभी कोरोना हॉटस्पॉट बनी धारावी (covid hotspot dharavi) अब कोरोना मुक्त होने के कगार पर है। धारावी पैटर्न (dharavi pattern) को अब वाशिंगटन पोस्ट (Washington Post) ने भी सराहा है, साथ ही बीएमसी (BMC) के कार्यों की प्रशंसा की है। वाशिंगटन पोस्ट अमेरिका (america) का सबसे बड़ा और प्रतिष्टित अखबार है।

इससे पहले, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी मुंबई में कोरोना (Coronavirus) नियंत्रण के लिए मुंबई नगर निगम के द्वारा की जाने वाले कार्यों की सराहना की थी, जिसमें धारावी भी शामिल है।  

अब संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के प्रमुख समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट ने भी इस कार्य की प्रशंसा की। 31 जुलाई को, वॉशिंगटन पोस्ट ने धारावी पैटर्न पर आधारित एक लेख 'How a packed slum in Mumbai beat back the coronavirus, as India’s cases continue to soar’ नाम के शीर्षक से प्रकाशित किया।

जिसका मतलब है, मुंबई की घनी आबादी वाले एक स्लम इलाके ने कोरोना को कैसे हरा दिया, जबकि भारत में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं।

पत्र ने आगे लिखा है कि यह अन्य देशों के लिए सबक साबित हो सकता है।

लेख में आगे लिखा गया है कि, कोरोना संकट के दौरान धारावी में दृढ़ता से किए गए सामुदायिक भागीदारी प्रयास और उपाय उल्लेखनीय हैं। मुंबई में कोरोना मरीजों में कमी के साथ-साथ मृत्यु दर के आंकड़ों में कमी लाना बीएमसी का एक प्रभावी कदम है। इस लेख में, यह सराहना की गई है कि बीएमसी ने धारावी जैसी बड़ी मलिन बस्तियों में कोरोना के प्रसार को रोकने में सफल रही है।

मुंबई बीएमसी कमिश्नर इकबालसिंह चहल (iqbal singh chahal) ने धारावी और कोरोना योद्धाओं की पीठ भी थपथपाई है जो धारावी में दिन-रात सेवा कर रहे हैं।  पहला मरीज 1 अप्रैल को धारावी में मिला था।  धारावी मुंबई में कोरोना का हॉटस्पॉट था।  धारावी में अब केवल 72 सक्रिय मरीज हैं और 2235 मरीज इलाज के बाद ठीक हुए हैं।  धारावी में अस्सी फीसद मरीज ठीक हो गए हैं।

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