कभी गरीबी के कारण सीजन क्रिकेट नहीं खेल सकी , आज है भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शान !

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    कभी गरीबी के कारण सीजन क्रिकेट नहीं खेल सकी , आज है भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शान !
    मुंबई  -  

    मेहनत के साथ साथ अगल लगन और इरादा सच्चा हो तो कोई भी मुसीबत आपके सपने से बड़ी नहीं होती। कभी अपनी गरीबी के कारण सीजन क्रिकेट नहीं खेल पानेवाली पुनम राउत ने महिला क्रिकेट विश्वकप में अपने दमदार प्रदर्शन से लोगों को अपने खेल के प्रति कायल कर दिया। पूनम ने महिला क्रिकेट विश्वकप के फाईनल में 115 गेंदों पर 86 रनों की शानदार पारी खेली थी।

    बचपन से ही क्रिकेट बन गया था जुनून

    पुनम ने जो आज सफलता हासिल की है वो कोई एक रात की नहीं है। पुनम ने शुरु से ही क्रिकेट को अपना जुनून मान लिया था। बहुत ही कम उम्र में पुनम ने गल्ली क्रिकेट खेलना शुरु कर दिया था। जैसे जेसै समय बितता गया, पुनम का क्रिकेट के प्रति लगाव और भी गहरा होता गय़ा। पुनम ने बोरिवली एमएचबी कॉलनी की ओर से क्रिकेट खेलना शुरु किया। 12 साल में उन्होने चीला समर कैंप में प्रवेश लिया। जहां प्रशिक्षक संजय गायतोंडे ने उन्हे क्रिकेट की बारिकीयां सिखाई। इसके बाद तो मानो उन्होने अपने पैर कभी वापस लिए ही नहीं । 4 साल तक वो मुंबई क्रिकेट एसोसिएसन की ओर से खेलती रही। 12 वीं कक्षा तक आते आते पुनम का चयन संभावित भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों में किया गया।

    खेल के साथ साथ पढ़ाई में भी थी होनहार

    भले ही पुनम ने क्रिकेट को ही अपना जुनून मान लिया था, लेकिन पढ़ाई को भी पुनम ने कभी हल्के में नहीं लिया। खेल के साथ साथ पुनम ने पढ़ाई भी अच्छा ध्यान दिया। पुनम अपने क्लास में हमेशा अच्छे नंबरो से पास होती थी।

    अपने पिता के सपने को जीती है पुनम-

    पुनम के पिता गणेश राउत का कहना है की वो खुद एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन घर की माली हालात कुछ सहीं ना होने के कारण वह क्रिकेट नहीं सिख पाये , लेकिन उन्होने अपनी बेटी के सपने को कभी कम नहीं आका। गरीबी के बाद भी उन्होने अपनी बेटी को क्रिकेट खिलाने के लिए दिन रात एक कर दिया। एक बार तो ऐसा हुआ की घर की आर्थिक स्थिती सही ना होने के कारण पुनम सीजन क्रिकेट नहीं खेल पाई। लेकिन इसके बाद भी उन्होने हिम्मत नहीं हारी और पुनम ने उस पायदान को हासिल किया जिसका सपना उसके पिता देखते थे।

    सचिन की है फैंन-

    पुनम ने शुरु से ही सचिन तेंदुलकर के खेलने के स्टाईल को फोलो किया है। सचिन के खेल की वह मुरिद रही है। पुनम ने कभी भी सचिन की बैंटिंग को मिस नहीं किया है।

    बोरिवली बनता जा रहा है भारतीय क्रिकेट की शान-

    पुनम राउत मुंबई के बोरिवली इलाके से आती है। तो वही भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के धाकड़ बल्लेबाज रोहित शर्मा भी बोरिवली से आते है।


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