रेलवे परिसर में पतंग उड़ाने पर होगी कार्रवाई

पतंग पकड़ने के लिए पीछे भागते लोग ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते हैं। इसके पहले रेलवे ने कई बार लोगों से रेलवे पटरियों रेलवे परिसर में पतंग नहीं उड़ाने की अपील की है।

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जैसे-जैसे मकर संक्रांती का त्योहार नजदीक आता जा रहा है, वैसे- वैसे लोगों पर पतंग उड़ाने का खुमार भी सिर चढ़ कर बोल रहा है। हालांकि, अब रेलवे प्रशासन उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है जो लोग रेलवे परिसर या फिर पटरियों के आसपास भी पतंग उड़ाते हुए दिखाई देते हैं। 

रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार जिस मांजे से पतंग उड़ाया जाता है उसमें कांच मिला होता है। अगर यह मांजा ओवर हेड वायर के सम्पर्क में आता है तो इससे बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसका असर यात्रियों की यात्रा और ट्रेन के शेड्यूल पर भी पड़ सकता है। यही नहीं वह बिजली का झटका पतंग उड़ाने वाले को भी लग सकता है जो कि जानलेवा हो सकता है।

कांच बिजली का सुचालक होता है, कांच में बिजली आसानी से प्रवाहित होती है, और इस बात को सभी जानते हैं कि ओवर हेड वायर में 25 हजार वाल्ट की बिजली प्रवाहित होती है। जबकि व्यक्ति की जान लेने के लिए 440 वाल्ट का झटका ही काफी होता है। पतंगबाजों को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन ने उड़नदस्तों की भी तैनाती की है जो पतंग उड़ाने वालों पर और रेलवे के परिसर पर विशेष रूप से नजर रखेंगी।

ऐसा नहीं है कि रेलवे इस बारे में लोगों को सावधान नहीं कर रही है। इसके पहले रेलवे ने कई बार लोगों से रेलवे पटरियों रेलवे परिसर में पतंग नहीं उड़ाने की अपील की है। क्योंकि पतंग पकड़ने के लिए पीछे भागते लोग ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते हैं।

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