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डॉन छोटा शकील ने कहा, 'राकेश मारिया किताब बेचने के लिए झूठ बोल रहे हैं'

एक निजी न्यूज़ चैनल से बात करते हुए छोटा शकील ने कहा कि, किताब में पब्लिसिटी (publicity stunt) पाने के लिए झूठी बातें लिखी गयी हैं।

डॉन छोटा शकील ने कहा, 'राकेश मारिया किताब बेचने के लिए झूठ बोल रहे हैं'
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मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया (Rakesh Maria) द्वारा लिखी अपनी किताब Let Me Say It Now में किये गये सनसनीखेज दावे कि, 26/11 के हमलावर मोहम्मद अजमल आमिर कसाब (Mohammed Ajmal Amir Kasab) को मारने के लिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम  (Dawood Ibrahim) ने सुपारी ली थी, को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील (Chhota Shakeel) ने झूठा करार दिया है एक निजी न्यूज़ चैनल से बात करते हुए छोटा शकील ने कहा कि, किताब में पब्लिसिटी (publicity stunt) पाने के लिए झूठी बातें लिखी गयी हैं

क्या कहा शकील ने?

एक न्यूज चैनल से बातचीत से बातचीत करते हुए छोटा शकील ने कहा कि, ये सब झूठी बातें है। किताब बेचने के लिए ये सब किया जा रहा है। कसाब या कोई , मारने वारने का कोई सब्जेक्ट ही नहीं है हमारा। हिंदुस्तान में कौन झूठ नहीं बोलता, सब झूठ बोल रहे हैं।"

इस मुद्दे पर सरकारी वकील उज्जवल निकम (Ujjwal Nikam) ने भी कहा कि मुंबई पुलिस (mumbai police) की चार्जशीट में कहीं भी इसका जिक्र नहीं था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI)या लश्करे तैयबा या दाऊद इब्राहिम ने अजमल कसाब को मारने की सुपारी ली थी। 

आपको बता दें कि उज्जवल निकम ही वह वकील हैं जिन्होंने अजमल कसाब (Ajmal Kasab) को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी.

क्या लिखा है किताब में ?

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने अपनी आत्मकथा Let Me Say It Now नामकी किताब में दावा किया है कि, 'दुश्मन (आतंकी कसाब) को जिंदा रखना मेरी पहली प्राथमिकता थी। कसाब के खिलाफ लोगों का आक्रोश और गुस्सा चरम पर था। इतना ही नहीं, मुंबई पुलिस के ऑफिसर भी आक्रोशित थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा आतंकी कसाब को किसी भी हाल में उसे रास्ते से हटाने की फिराक में थे क्योंकि कसाब मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था।' उन्होंने लिखा है कि, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम गैंग को कसाब को मारने की सुपारी भी दी गई थी।

 यही नहीं किताब में यह भी लिखा गया है कि,  ISI ने 26/11 हमले को हिंदू आतंकवाद का नाम देने के लिए सभी आतंकवादियों को हिंदू नाम वाले फर्जी आईकार्ड दिए गये थे। कसाब के पास भी एक ऐसा ही आईकार्ड मिला था, जिसपर उसका नाम समीर चौधरी लिखा हुआ था। यही नहीं सभी आतंवादियों के हाथ में कलावा भी बांधा गया था

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