
दिव्यांग वेलफेयर डिपार्टमेंट ने एक इंटीग्रेटेड ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप, दिव्यांग सहायक पोर्टल बनाया है, ताकि दिव्यांगों को सरकारी स्कीमों का फ़ायदा आसानी से, ट्रांसपेरेंट और समय पर मिले। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इससे सर्विस डिलीवरी को डिजिटल मोमेंटम मिलेगा और दिव्यांगों के लिए सर्विस डिलीवरी आसान और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट होगी।(Service delivery for the disabled will be easier and more transparent says Chief Minister Devendra Fadnavis)
मोबाइल ऐप शुरू
‘दिव्यांग सहायक पोर्टल’ (https://divyangsahayakportal.maharashtra.gov.in/) और मोबाइल ऐप का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सह्याद्री गेस्ट हाउस में किया। वह उस समय बोल रहे थे। डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे, डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार, दिव्यांग वेलफेयर मिनिस्टर अतुल सावे, कैबिनेट के दूसरे मिनिस्टर, चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, दिव्यांग वेलफेयर डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी तुकाराम मुंढे मौजूद थे।
सरकार दिव्यांग लोगों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए कमिटेड
चीफ मिनिस्टर फडणवीस ने कहा कि सरकार दिव्यांग लोगों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए कमिटेड है और सरकार का मकसद उन्हें मेनस्ट्रीम में शामिल करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह ऑनलाइन पोर्टल दिव्यांग लोगों के लिए स्कीम ढूंढना, अप्लाई करना और अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से बेनिफिट पाना आसान बनाने के मकसद से डेवलप किया गया है। टेक्नोलॉजी के इफेक्टिव इस्तेमाल से फैसले लेने का प्रोसेस तेज होगा और स्कीमें समय पर एलिजिबल बेनिफिशियरी तक पहुंचेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह इनिशिएटिव दिव्यांगों की 'ईज ऑफ लिविंग' बढ़ाने के लिहाज से इंपॉर्टेंट होगा। इस पोर्टल से बेनिफिशियरी घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे और रियल-टाइम में एप्लीकेशन का स्टेटस देख सकेंगे। दिव्यांगों के लिए अलग-अलग स्कीमों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर अवेलेबल कराई गई है।
इंटीग्रेटेड पोर्टल के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल
सेक्रेटरी तुकाराम मुंधे ने कहा, एक इंटीग्रेटेड पोर्टल के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल दिव्यांग लोगों को मज़बूत बनाने के लिए एक अहम कदम है। इससे दिव्यांग लोगों को उनकी उंगलियों या वॉइस नोट्स के ज़रिए आसानी से सर्विस मिल सकेंगी। इस पहल से ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी बढ़ेगी और सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच भरोसा बनेगा। सभी दिव्यांग लोगों को एक ही पोर्टल के ज़रिए सभी सर्विस, स्कीम और फ़ायदे मिलेंगे। उन्हें किसी ऑफ़िस जाने, अधिकारियों से मिलने या उनसे पर्सनली बात करने की ज़रूरत नहीं होगी।
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