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अपने ही बेटे की लाश को लेने के लिए एजेंट ने मांगे 2 लाख रुपये!

भारतीय दूतावास ने मृत शरीर को मलेशिया से भारत लाने में की मदद

अपने ही बेटे की लाश को लेने के लिए एजेंट ने मांगे 2 लाख रुपये!
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अगर आप विदेश में मोटी सैलरी पाने के लिए नौकरी करने का प्लान कर रहे है तो सावधान हो जाईये। ऐसे ही एक मामले में पहले तो एक शख्स को मैकरी का बहाना देकर मलेशिया भेजा गया और फिर बाद में ड्रग्स दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। 21 साल के संदीप ब्रह्मादेव चौधरी अपने माता पिता के साथ चेंबूर के जयहिंद चॉल में रहते थे।


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कुछ दिन पहले, चौधरी ने अपने दोस्त के जरिये से विक्रम घाडगे से मुलाकात की थी। चौधरी को घाडगे के मोटी सैलरीवाली नौकरी के बारे में पता चला। जिसके बाद चौधरी ने भी मोटी सैलरी के लिए विदेश जाने का फैसला किया। संदीप के पिता ने किसी तरह लोन लेकर उसे विदेश भेजा ।


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विक्रम और संदीप दोनों ने 15 दिन का एचटीसीडब्लू कोर्स पूरा किया जो जहाज पर काम करने के लिए जरुरी होता है। दोनों को पंजाब के एजेंट अवतार सिंह द्वारा हायर किया गया। जुलाई 2017 में दोनों मलेशिया के लिए रवाना हो गये। लगभग दो महीने काम करने के बाद , एक दिन शिप कैप्टन के साथ उनका झगड़ा हो गया और उन्होने नौकरी छोड़ दी। एजेंट औतार सिंह ने उन्हे दुसरे एजेंट जगदीप सिंह से मलेशिया में मुलाकात करने को कहा।

चौधरी को नशा दिया गया

एजेंट जगदीप ने दोनों को मलेशिया में सिबू के पास ले गया और नौकरी के लिए 1.20लाख रुपये की मांग करने लगा। संदीप के पिता ने पैसे भेज दिये जिसके बाद दोनों ने फिर से नौकरी शुरु कर दी। लेकिन जल्द ही मलेशियन पुलिस ने जहाज के खिलाफ कार्रवाई की, क्योंकि उन्हें बिन्तापुर बंदरगाह पर अवैध तरीके से लंगर डाला था। दोनों ने जगदीप से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बाद में उनके कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। धीरे-धीरे दोनों ने कैरी बेन्सी जहाज पर काम करना शुरू कर दिया। चूंकि यह एक दिन और रात की नौकरी थी, कप्तान ने लड़कों को नशा देना शुरु किया और इस नशे के जरिये वह उनसे 12-15 घंटे काम कराता था।


इस नौकरी से परेशान होकर दोनो ने नौकरी छोड़ दी और जहाज से भाग निकले। ड्रग्स की तादाद ज्यादा होने के कारण संदीप की तबियत खराब होने लगी, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।

मुंबई लाइव से बात करते हुए संदीप के दोस्त विक्रम ने बताया की मलेशिया पुलिस को संदीप की मौत संदिग्ध लगी थी , लेकिन जहाज के मालिक ने पुलिस को पैसे खिलाकर केस बंद करवा दिया।


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एजेंट ने की 2 लाख की मांग

विक्रम ने संदीप के परिवार को उसकी मौत के बारे में खबर दी। एजेंट ने संदीप के परीवार को कहा की वो उसके शव को भारत लाने में होनेवाले खर्च का आधा खर्चा दे बाकी कंपनी देगी। मुंबई लाइव से बात करते हुए संदीप के पिता ने बताया की एजेंट ने उन्हे धमकी दी की अगर वो पैसे नहीं देते है तो वो अपने बेटे का मृत शरीर नहीं पा पाएंगे।


दुतावास को दी जानकारी

ब्रह्म्देव ने इसकी जानकारी भारतीय दुतावास को दी। दुतावास की मदद से संदीप के पार्थिव शरीर को मंगलवार की रात भारत लाया गया। संदीप के पिता का कहना है की वो जगदीप और अवतार सिंह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।

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