पालघर हत्याकांड : सबूत के अभाव में 28 आरोपियों को मिली जमानत

इन आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट एम.वी. जावले ने सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत प्रत्येक को 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।

पालघर हत्याकांड : सबूत के अभाव में 28 आरोपियों को मिली जमानत
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पालघर जिले में भीड़ द्वारा 2 साधुओं सहित कुल 3 लोगों की पीट कर हत्या करने के मामले में (palghar mob linching) 28 आरोपियों को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने जमानत दे दी। सोमवार को हुई सुनवाई में पुलिस 3 महीने में भी 28 आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं पेश कर पाई, जिसके बाद डहाणू सेशन कोर्ट (dahanu session court) ने आरोपियों को जमानत दे दी। इस मामले में पहली दो एफआईआर में 28 आरोपियों के नाम थेे, जिनमें से 18 आरोपियों के नाम तीसरे आरोपपत्र में थे और उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में कुल 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

इन आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट एम.वी. जावले ने सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत प्रत्येक को 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी है।

सूत्रों के अनुसार जिन 28 लोगों को जमानत मिली है उनमें से 18 लोगों पर दूसरे मामलों को लेकर भी आरोप है, इसलिए मात्र 10 आरोपी ही फिलहाल जेल से बाहर आ पाएंगे।

गौरतलब है कि 17 अप्रैल की रात को दो साधू और एक ड्राइवर कार से सूरत जा रहे थे। जब यह कार पालघर (palghar) जिले के गढ़चिंचल गांव पहुंची तो, गांव वालों ने बच्चा चोर समझ कर इन तीनों पर हमला कर दिया और लाठी, डंडे और पत्थरों से पीट पीट कर तीनों की हत्या कर दी।

इस मामले की जांच महाराष्ट्र सीआईडी कर रही है। पुलिस ने मामले में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। पहले मामले के 28 आरोपी दूसरे मामले में भी शामिल थे। तीसरी चार्जशीट में उनमें से 18 आरोपियों के नाम शामिल हैं। पुलिस को 90 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ सबूत जमा करने थे। हालांकि, दहानु में एक स्थानीय अदालत ने आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया, क्योंकि पुलिस उनके खिलाफ सबूत पेश करने में विफल रही।

आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लोक सेवकों को अपने कर्तव्य निर्वहन से रोकने, लोक सेवक को नुकसान पहुंचाने, खतरनाक हथियारों के साथ दंगा सहित अन्य मामले दर्ज हैं।

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