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पालघर मॉब लिंचिंग की जांच करे NIA, हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर की गई मांग

गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि पूरे मामले को सीआईडी को सौंप दिया गया है और घटना की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है।

पालघर मॉब लिंचिंग की जांच करे NIA, हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर की गई मांग
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महाराष्ट्र के पालघर जिले में हुई साधुओं की मॉब लिंचिंग मामले में वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि, इस घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया जाना चाहिए या फिर इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाना चाहिए। आपको बता दें कि सरकार की तरफ़ से इस मामले की जांच राज्य CID से कराई जा रही है, जिसे लेकर काफी लोगों ने असंतोष जताया है।

याचिका में कहा गया है कि, पालघर के गडचिंचले गांव में दो साधुओं और उनके ड्राइवर पर 16 अप्रैल को पत्थर और लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी और इस दौरान पुलिस के पीछे जान बचाने की कोशिश कर रहे एक साधू को खुद पुलिस वाले ने भीड़ के हवाले कर दिया।

इस घटना के वीडियो को साक्ष्य के रूप में कोर्ट में भी प्रस्तुत किया गया।

हालांकि अभी इस याचिका को लेकर कोर्ट ने सुनवाई शुरू नहीं की है।

बता दें कि बुधवार 16 अप्रैल की आधी रात को कल्पवृक्ष गिरी महाराज (65), सुशीलगिरी महाराज(35) और उनका ड्राइवर नीलेश तेलगड़े (30) नासिक किसी परिचित की शव यात्रा में शामिल होने के लिए सूरत जा रहे थे। जब इनकी गाड़ी पालघर जिले के गडचिंचल गांव में पहुंचीं तो वहां 200 की भीड़ ने इन्हें बच्चा चोर समझ कर इन पर लाठी, डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। हालांकि मौके पर कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया और आखिरकार भीड़ ने इन तीनों की पीट पीट कर हत्या कर दी।

घटना की जानकारी मिलते ही कासा पुलिस मौके पर पहुंची। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य काशीनाथ चौधरी भी उपस्थित थे।  सभी ने भीड़ को शांत कराने की कोशिश की।  

लेकिन शांत होने के बजाय, भीड़ ने पुलिस वाहन पर हमला किया और उस पर पत्थर फेंके। जिसमें एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।  पुलिस की मौजूदगी में हुई इस घटना ने पूरे राज्य में खलबली मचा दी थी।

घटना के बाद अगले 8 घंटों में, घटना में शामिल 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।  हत्याकांड के लगभग सभी आरोपी आसपास के जंगल में भाग गए थे।  

इन सभी को खोजकर हिरासत में ले लिया गया।  गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि पूरे मामले को सीआईडी को सौंप दिया गया है और घटना की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है।

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