
नसरपुर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार और हत्या के चौंकाने वाले मामले के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया है कि यौन अपराध के मामलों में दोषी पाए गए लोगों को पैरोल नहीं दी जानी चाहिए। इससे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख का संकेत मिलता है।(Devendra Fadnavis Orders No Parole for Sexual Offenders After Nasrapur Case)
पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन
यह फैसला पुणे जिले के नसरपुर में हुई घटना पर बड़े पैमाने पर गुस्से के बाद आया है, जहां एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए।
सख्त नियम बनाने का निर्देश
एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान, मुख्यमंत्री ने कानून और न्यायपालिका विभाग को ऐसे अपराधियों को पैरोल पर रिहा होने से रोकने के लिए सख्त नियम बनाने का निर्देश दिया। इस कदम का मकसद कानूनी कमियों को दूर करना है, क्योंकि अधिकारियों ने पाया कि बड़ी संख्या में बार-बार अपराध करने वाले लोग पैरोल पर बाहर रहते हुए भी अपराध करते हैं।
एक नया कानूनी ढांचा लाने पर विचार
सरकार अब एक नया कानूनी ढांचा लाने पर विचार कर रही है ताकि यह पक्का किया जा सके कि गंभीर यौन अपराधों में दोषी पाए गए लोग सलाखों के पीछे ही रहें और उन्हें कुछ समय के लिए रिहाई न मिले।यह निर्देश बढ़ते जनाक्रोश और सख्त सजा की मांगों के बीच आया है, साथ ही राज्य ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और अधिकतम सजा पर भी जोर दे रहा है।
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