FDA ने जब्त की 1 हजार किलो नकली सनस्क्रीन

मुंबई - अन्न व औषध प्रशासन विभाग ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह कंपनी नकली सनस्क्रीन क्रीम को बनाने और सप्लाई करने का काम करती थी। यह फर्जी कंपनी अंतरराष्ट्रीय ब्रैंण्ड की सनस्क्रीन क्रीमों के नाम पर कम दर्जे के बेबी लोशन भरकर बड़ा आर्थिक लाभ कमाकर, लोगों की जान और त्वचा से खिलवाड़ कर रही थी।

वैसे तो हर मौसम में खासकर महिलाएं सनस्क्रीन का इस्तेमाल बाहर निकलने से पहले करती हैं। पर गर्मियों में इसका इस्तेमाल और भी अधिक हो ताजा है। पर आपको यह खबर चौंका देगी की कि अन्न व औषध प्रशासन ने घाटकोपर से एक हजार किलो वजन के मिलावटी सनस्क्रीन क्रीम के ट्यूब्ज जप्त किए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये लोग ब्रैंडेड कंपनियों के नाम पर इस गोरख धंधे को चला रहे थे। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच जारी है।


मिलावटी सनस्क्रीन के नुकसान

मिलावटी सनस्क्रीन के इस्तेमाल से चर्मरोग, सूजन, दाग धब्बे व त्वचा से संबंधित कई तरह के रोग होने की संभावना होती है।


डॉक्टर की राय

इस पर डॉ. गौरी चव्हाण (कॉस्मेटिक सर्जन) कहती हैं कि भारत में सनस्क्रीन और अन्य तरह के सौंदर्य प्रसाधन का एक बड़ा बाजार है। पर मिलावटी क्रीम से लोगों की जान जाने का भी खतरा है। इसलिए किसी भी तरह की सौंदर्य सामाग्री खरीदते समय सतर्क रहें। अगर आपको लगता है कि जो चीज आपको बेंची जा रही है, वह नकली है तो तत्काल अन्न व औषध प्रशासन या फिर पुलिस को संपर्क करें, इस जागरुकता भरे कदम से आप किसी की जान बचा सकते हैं।

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