पिछले एक साल से कर रहा था चैन स्नेचिंग, जांच में सभी गहने निकले नकली

पिछले एक साल से आरोपी बाजीराव काटकर सेंट्रल लाइन के रेलवे स्टेशन पर खड़ी महिला यात्रियों को निशाना बनाया करता था और उनके चैन, मंगलसूत्र सहित अन्य गहने लूट लिया करता था।

पिछले एक साल से कर रहा था चैन स्नेचिंग, जांच में सभी गहने निकले नकली
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जीआरपी ने एक ऐसे चैन स्नेचर को गिरफ्तार किया है जो रेलवे प्लेटफॉर्म पर खड़ी महिलाओं को निशाना बनाया करता था और उनके चैन,  मंगलसूत्र और दूसरे गहने छीन लेता था।आखिर जब जीआरपी ने इस व्यक्ति को गिरफ्तार किया तो पता चला कि इस चैन स्नेचर द्वारा लुटे गये सभी गहने नकली हैं।  इस मामले में GRP ने आरोपी एक और साथी को गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले एक साल से आरोपी बाजीराव काटकर (42) सेंट्रल लाइन के रेलवे स्टेशन पर खड़ी महिला यात्रियों को निशाना बनाया करता था और उनके चैन, मंगलसूत्र सहित अन्य गहने लूट लिया करता था। डोंबिवली पुलिस स्टेशन के जीआरपी अधिकारियों को कई दिनों से इस तरह की शिकायत मिल रही थी.

इसके बाद जीआरपी ने स्टेशनों पर लगे CCTV की सहायता से आरोपी की पहचान की और आरोपी को मुंबई के ठाकुरली से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि, आरोपी शख्स लूटे हुए गहने पिछले एक साल से घर में रख रहा था, ताकि समय आने पर इसे बेच कर मोटा पैसा ले सके. लेकिन इसी बीच 27 फरवरी को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से लूटा हुआ सामान बरामद किया।

लेकिन पुलिस ने जब चोरीगहनों की जांच की तो वे चौंक गये। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी द्वारा जितने भी गहनों की चोरी की गयी थी सभी गहने नकली थे।

डोंबिवली पुलिस स्टेशन के जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि बाजीराव के इस काम में आरोपी दिलीप कार्लेकर (52) नामके एक और शख्स को भी गिरफ्तार किया गया। चुराया हुआ सामान कार्लेकर के घर में रखा जाता था।

रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सतीश पवार ने बताया कि, 'हमें 4 ब्रेसलेट, 17 मंगलसूत्र और दो नेकलेस मिले। यह सभी नकली जूलरी है। दोनों आरोपियों को रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से पकड़ा गया।' 

इन दोनों के पास से जीआरपी को 1.50 लाख की कीमत से अधिक के लैपटॉप भी मिले।

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