अब लड़कियों का कौमार्य चेक करने पर हो सकती है जेल- रणजित पाटील

अब इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ महिला अत्याचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। अब ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मुकदमा चलाया जाएगा।

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लड़कियों का शादी का कौमार्य चेक करना आज भी कई जातियों में प्रचलन में है। इन्हीं में से एक है राज्य के भटक्या विमुक्त जमाती की कुम्भार जाति। भटक्या विमुक्त जमाती में ऐसे कई मामले सामने आये हैं जब लड़कियों की शादी की पहली रात उनका कौमार्य चेक किया गया। इस बात को लेकर अब राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। राज्य सरकार के मुताबिक अब इस तरह के मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। सरकार इस प्रथा के खिलाफ जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी।

देश आज मंगल ग्रह तक पहुंच गया है, देश ने इतनी तरक्की कर ली है कि देश कि अर्थव्यवस्था विश्व में आज छठें नंबर पर पहुंच गयी है, लेकिन आज भी ऐसी कई जातियां हैं जिनका इन विकास से कोई वास्ता नहीं है। वे प्रथा और परंपरा के नाम पर सामाजिक कुरीतियों के साथ जीने में विवश हैं जिनका जाने अनजाने शिकार होती हैं महिलाएं।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज के युग में भी भारत में ऐसी कई जातियां हैं जो लड़कियों की शादी की पहली रात कौमार्य चेक करते हैं। जिसका खामियाजा लड़कियों को भुगतना पड़ता है। इन मामलों के खिलाफ पहल करते हुए शिवसेना की नेता नीलम गोरे ने गृहराज्यमंत्री रणजित पाटील की अध्यक्षता में जाति पंचायत विरोधी समिति और सामाजिक संस्था प्रतिनिधी सहित अन्य संस्थाओं के साथ बैठक हुई जिसमें इन कुरीतियों के खिलाफ चर्चा की गयी। और इनके खिलाफ कदम उठाने की बात की गयी।

चर्चा में फैसला किया गया कि अब इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ महिला अत्याचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। अब ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मुकदमा चलाया जाएगा।

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